भोपाल वार्ड 26 में बदहाल सड़कें और सफाई व्यवस्था से परेशान रहवासी, पार्क-सामुदायिक भवन का भी इंतजार


एक एकड़ सरकारी जमीन होने के बावजूद पार्क नहीं, सामुदायिक भवन के अभाव में छोटे आयोजनों के लिए भटक रहे लोग; बारिश में गड्ढों से भरी सड़कों पर आवाजाही मुश्किल
भोपाल, 23 अगस्त। राजधानी भोपाल के वार्ड 26 में मूलभूत सुविधाओं को लेकर रहवासियों में नाराजगी है। वार्ड में न पार्क है और न ही सामुदायिक भवन। रहवासियों का कहना है कि करीब एक एकड़ शासकीय जमीन उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग पार्क के लिए नहीं किया गया। सामुदायिक भवन नहीं होने से छोटे-बड़े सामाजिक आयोजनों के लिए लोगों को दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। इसके अलावा कई इलाकों में सड़क, नाली, सफाई, कचरा उठाव और पानी की समस्या बनी हुई है।
50 से अधिक कॉलोनियां, ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल
वार्ड 26 करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और इसमें 50 से अधिक कॉलोनियां शामिल हैं। सूरज नगर, बोरागांव, बिसलखेड़ी, बरखेड़ी कला, बरखेड़ी खुर्द, नीलबड़ सहित कई नए क्षेत्रों में तेजी से बसाहट हुई है। रहवासियों के अनुसार कई कॉलोनियां बिना टीएनसीपी अनुमति के विकसित होने के कारण सड़क, नाली और अन्य सुविधाओं का विकास व्यवस्थित तरीके से नहीं हो पाया है। कई क्षेत्रों में पानी की पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन कम दबाव के कारण घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा।
प्रेम नगर में गड्ढों से खतरनाक हुआ रास्ता
प्रेम नगर में मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। रहवासियों के अनुसार कच्चे रास्ते पर जगह-जगह करीब एक फीट तक गड्ढे हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए रास्ता खतरनाक हो जाता है। आदित्य शर्मा ने बताया कि गिट्टी और गड्ढों के कारण सामान्य दिनों में भी परेशानी होती है, जबकि बारिश में वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है।
बरखेड़ी खुर्द में सफाई व्यवस्था पर सवाल
बरखेड़ी खुर्द में सड़कें उखड़ने और जगह-जगह गिट्टी फैलने से लोगों को परेशानी हो रही है। रहवासियों का आरोप है कि नियमित झाड़ू नहीं लगती और नालियों तथा नाले की भी समय पर सफाई नहीं होती। इससे कचरा जमा रहता है और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनती है। जमुना यादव ने बताया कि सफाई कर्मचारी नियमित नहीं आते और नलों में पानी भी बहुत धीमी गति से आता है।
कचरा वाहन नहीं रुकने से सड़क पर फेंकना पड़ता है कचरा
बरखेड़ी कला और विश्वकर्मा नगर के रहवासियों ने कचरा संग्रहण व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की है। फ्रीडा फेरी का कहना है कि कचरे की गाड़ी रुकती नहीं है, इसलिए मजबूरी में कचरा बाहर फेंकना पड़ता है। एसएस गहरवार ने बताया कि कई बार कचरा वाहन नहीं आने पर आठ दिन तक घर में कचरा रखना पड़ता है। खाली प्लॉटों में पानी जमा होने से मच्छरों की समस्या भी बढ़ रही है।
पार्क और सामुदायिक भवन की मांग
कुंजीलाल मारन ने कहा कि पार्क की जगह खाली पड़ी है, लेकिन निर्माण नहीं हुआ। बच्चों को खेलने के लिए सड़क पर जाना पड़ता है। अमृत लाल यादव के अनुसार सामुदायिक भवन के लिए पर्याप्त जगह है, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हुआ। छोटे आयोजनों के लिए लोगों को परेशानी होती है और नालियों की सफाई भी कई बार रहवासियों को खुद करनी पड़ती है।
पार्षद बोले- सीवेज और पानी की लाइन का काम जारी
भाजपा पार्षद राजमनि उईके ने रहवासियों की शिकायतों के बीच अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वार्ड में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। अतिक्रमण हटाकर वार्ड कार्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। पूरे वार्ड में सीवेज नेटवर्क का काम चल रहा है। अमृत 2.0 के तहत पानी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है और क्षेत्र की बड़ी पानी की टंकी भी बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि शासकीय स्कूलों में काम कराने के साथ कई स्थानों पर सड़क विकास कार्य भी हुए हैं। पार्षद के अनुसार वार्ड का क्षेत्रफल बड़ा है और यहां विकास की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है।
संपत्ति कर बढ़ने पर भी सुविधाओं को लेकर सवाल
विश्वकर्मा नगर के दीपेंद्र ने संपत्ति कर बढ़ने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस बार पिछले साल की तुलना में करीब एक हजार रुपये अधिक कर भेजा गया है, जबकि सफाई और अन्य सुविधाओं के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं ब्रहमपुरी कॉलोनी के अभिषेक ने बताया कि नाली नहीं होने से बारिश का पानी सड़कों पर बहता है और कई जगह सड़कें उखड़ रही हैं। विशाल नगर के नितिन के मुताबिक उनकी कॉलोनी में सड़क और नियमित सफाई की समस्या बनी हुई है।





