खरगोन में 10 हजार वर्गफीट के कथित अवैध टीन शेड पर सवाल, नगर पालिका की कार्रवाई पर उठे सवाल

खरगोन। बिस्टान रोड स्थित गौतम नगर में करीब 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने कथित अवैध व्यावसायिक टीन शेड और टर्फ खेल प्रांगण को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्माण के लिए न तो भवन अनुज्ञा ली गई और न ही कम्पाउंडिंग की अनुमति है। मामला अब संभागायुक्त और नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया है।
पोर्टल पर निर्माण अनुमति के आवेदन निरस्त
शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए नगर पालिका के ऑनलाइन भवन अनुज्ञा रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित भूखंडों पर निर्माण अनुमति के लिए किए गए आवेदन ‘रिजेक्टेड’ दर्ज हैं। वहीं RTI के माध्यम से प्राप्त नगर पालिका के पत्र क्रमांक 1977, दिनांक 7 फरवरी 2025 में स्थल पर भवन अनुज्ञा जारी नहीं होने और कम्पाउंडिंग स्वीकृत नहीं होने की बात सामने आने का दावा किया गया है।
इन दस्तावेजों के आधार पर शिकायतकर्ता ने निर्माण की वैधता पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
तीन नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं
अवैध निर्माण को लेकर शिकायतकर्ता कल्पेश सोनी की शिकायतों के बाद नगर पालिका ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम की धारा 187 के तहत तीन नोटिस जारी किए। इनमें 8 मई 2024, 3 जुलाई 2024 और 6 नवंबर 2024 के नोटिस शामिल हैं। अंतिम नोटिस में 24 घंटे के भीतर निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार 27 फरवरी 2025 को नगर पालिका का अमला जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचा, लेकिन निर्माण हटाने के बजाय केवल ताला लगाकर लौट गया। इसके बाद भी कथित अवैध निर्माण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।
CM हेल्पलाइन की शिकायतों पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने CM हेल्पलाइन 181 पर दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि शिकायतों को जमीनी कार्रवाई किए बिना फोर्स क्लोज किया गया और कुछ शिकायतों को पुरानी शिकायतों में मर्ज कर दिया गया।
निर्माणकर्ता द्वारा दायर W.P. 7986/2025 का हवाला देते हुए शिकायतों के निपटारे पर भी सवाल उठाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
संभागायुक्त से जांच और ध्वस्तीकरण की मांग
मामला अब संभागायुक्त और प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन CMO मंशाराम निगवाल और तत्कालीन उपयंत्री मनीष महाजन के कार्यकाल की जांच कराने, कथित अवैध निर्माण हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर लोकायुक्त और आवश्यकता पड़ने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।
फिलहाल पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। इसलिए निर्माण की वैधता, अधिकारियों की कथित भूमिका और CM हेल्पलाइन में अनियमितता के आरोपों को जांच के निष्कर्ष तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।





