भोपाल, 17 अगस्त । वन विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। रीवा वृत्त के वन संरक्षक ने चार वन कर्मचारियों को दी गई पदोन्नति को करीब एक माह बाद निरस्त कर दिया है। कर्मचारी संगठनों ने इसे पदोन्नति प्रक्रिया में गड़बड़ी का प्रमाण बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मध्य प्रदेश वन कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि रीवा वृत्त में पदोन्नति समिति ने कई अपात्र कर्मचारियों को पदोन्नति दी, जबकि पात्र कर्मचारियों को इससे वंचित कर दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मुख्यालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारी से मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पांडे के अनुसार, रीवा वृत्त में जिन चार कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश निरस्त किए गए हैं, उनमें सिंगरौली के जनकीलाल पानिक, सीधी के राजेंद्र यादव, सतना के सतीश साकेत तथा मैहर के वाल्मीकि कोल शामिल हैं।
वन कर्मचारी मंच का कहना है कि प्रदेश के अन्य वन वृत्तों में भी पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। संगठन ने खंडवा वृत्त में पदोन्नति सूची निरस्त कर दोबारा जारी किए जाने का भी उल्लेख किया है।
संगठन ने मांग की है कि रीवा वृत्त में पदोन्नति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
