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चोरी-नकबजनी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 2.48 करोड़ की संपत्ति बरामद

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बीते एक सप्ताह में विभिन्न जिलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन कार्रवाइयों में 2 करोड़ 48 लाख रुपए से अधिक की चोरी की संपत्ति और वारदात में इस्तेमाल सामान जब्त किया गया है।

मुरैना में 65 लाख की संपत्ति जब्त
सिविल लाइन पुलिस ने चार आरोपियों से 41 लाख 21 हजार रुपए से अधिक नकदी, 32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा राउंड, चाकू, लोहे का सरिया, आई-20 कार, दो बैग, चार मोबाइल और नोटबुक सहित करीब 50 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं बागचीनी पुलिस ने टावर से चोरी करने वाली अंतरजिला गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर वाहन, कटर और चोरी का माल बरामद किया। दोनों मामलों में करीब 65 लाख रुपए की संपत्ति जब्त हुई।

धार में 57 लाख से ज्यादा की बरामदगी
मनावर पुलिस ने तमिलनाडु पुलिस के साथ कार्रवाई कर 385 ग्राम सोना बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 55 लाख रुपए बताई गई है। राजगढ़ थाना पुलिस ने तीन चोरी की बाइक बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में करीब 57.25 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।

ग्वालियर में 45 लाख की चोरी का खुलासा
ग्वालियर पुलिस ने सूने मकानों में चोरी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 45 लाख रुपए की चोरी की संपत्ति बरामद की।

इंदौर में नौकर निकला चोरी का आरोपी
राऊ पुलिस ने क्रेटा कार से 27 लाख रुपए चोरी के मामले में सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नौकर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 24.50 लाख रुपए बरामद किए गए।

छतरपुर में 24 लाख का माल बरामद
ओरछा रोड पुलिस ने धमौरा में चोरी के मामले में अंतरराज्यीय आरोपी को गिरफ्तार कर सोने-चांदी के आभूषण और घटना में इस्तेमाल हुंडई एक्सटर कार समेत करीब 24 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की।

इसके अलावा राजगढ़ में करीब 10.50 लाख रुपए की तांबे की विद्युत केबल और वाहन, जीआरपी उज्जैन में 9.50 लाख रुपए के छह सोने के कंगन, विदिशा में करीब 5 लाख के आभूषण तथा उज्जैन में 2.20 लाख रुपए का सोने का हार बरामद किया गया।

खंडवा, छिंदवाड़ा, देवास और सागर में भी पुलिस ने चोरी और नकबजनी के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की संपत्ति बरामद की। पुलिस के अनुसार, इन कार्रवाइयों में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और विभिन्न जिलों की पुलिस के समन्वय से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

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