पांच रुपए कम होने से प्लॉट का नाम कटा

जनसुनवाई में 145 आवेदन आए
-खाते से 74,995 रुपए कटने की भी शिकायत
जनसुनवाई में बिजली के 64,892 रुपए के बिल आई शिकायत
पशुओं के इलाज में 5 हजार रुपए खर्च होने

भोपाल, 27 अक्टूबर. पांच रुपए की कमी के कारण प्लॉट के लिए नाम कटने, बैंक खाते से 74,995 रुपए निकलने और 38 हजार रुपए के पुराने बिजली बिल के बाद 64,892 रुपए का नया बिल आने जैसी शिकायतें मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचीं. पशुपालकों ने सरकारी पशु चिकित्सक के नियमित नहीं आने से निजी इलाज पर 4 से 5 हजार रुपए खर्च होने की परेशानी भी बताई. कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने लोगों की समस्याएं सुनीं. जनसुनवाई में कुल 145 आवेदन आए.
-पांच रुपए की कमी से टूट गया प्लॉट मिलने का सपना
बरखेड़ी निवासी शारदा नामदेव ने प्लॉट के लिए नाम काटे जाने की शिकायत की. उनके अनुसार, प्लॉट दिलाने के नाम पर उन्होंने संजय मालवीय को 15 हजार रुपए दिए थे. इसके बाद उनसे 25 हजार रुपए और मांगे गए. शारदा का आरोप है कि पैसे नहीं होने की बात कहने पर उन्हें प्लॉट रद्द कराने की धमकी दी गई. उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते से नगर निगम के नाम पर 74,995 रुपए भी कट गए. करीब आठ दिन बाद नगर निगम से फोन आया कि प्लॉट के लिए उनका नाम काट दिया गया है. जब वह निगम कार्यालय पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि पांच रुपए कम होने के कारण नाम काटा गया है. शारदा के अनुसार, उन्होंने पांच रुपए की जगह 10 रुपए तक देने की पेशकश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. उन्होंने जनसुनवाई में प्लॉट दिलाने और अपनी राशि वापस कराने की मांग की है.
-पशुओं के निजी इलाज में खर्च होते हैं 5 हजार रुपए
पशुपालकों ने सरकारी पशु चिकित्सक डॉ. शालिनी भीमते के खिलाफ शिकायत की. आवेदन में आरोप लगाया गया कि वह बीमार पशुओं के इलाज के लिए नियमित रूप से क्षेत्र में नहीं पहुंचतीं और कई बार उपचार करने से इनकार कर देती हैं. इसके कारण पशुपालकों को कंपाउंडर, गो सेवक और मैत्री कार्यकर्ताओं पर निर्भर रहना पड़ता है. पशु की हालत गंभीर होने पर निजी डॉक्टर को बुलाना पड़ता है, जिसमें 4 से 5 हजार रुपए तक खर्च हो जाते हैं. पशुपालकों ने बताया कि इस संबंध में 181 पर भी शिकायत की गई है. उन्होंने क्षेत्र में किसी अन्य डिग्रीधारी सरकारी पशु चिकित्सक की व्यवस्था करने की मांग की है.
-पहले 38 हजार का बिल
राजीव कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय नूर जहां ने बिजली के अधिक बिल की शिकायत की. उनके अनुसार, विद्युत सेवा क्रमांक 2446020690 पर पहले करीब 38 हजार रुपए का बिल था. इसके बाद वह परिवार के साथ अपने पैतृक गांव चली गई थीं. उनका कहना है कि इस दौरान घर में बिजली का उपयोग नहीं हुआ, फिर भी अब 64,892 रुपए का बिल जारी कर दिया गया. नूर जहां ने अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर बताते हुए इतनी बड़ी राशि जमा करने में असमर्थता जताई. उन्होंने बिजली बिल की जांच कराने, उसमें सुधार करने और राशि कम करने की मांग की है.
-दो लाख रुपए लेकर प्लॉट बेचने का आरोप
ग्राम खेड़ाखेड़ा बरामद निवासी द्रोपती रजक ने दीपक शर्मा पर प्लॉट बेचने के नाम पर दो लाख रुपए लेने और बाद में वही प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का आरोप लगाया है. शिकायत के अनुसार, प्लॉट क्रमांक 26, खसरा क्रमांक 112 के सौदे के लिए 28 फरवरी 2026 को एक लाख रुपए और 20 अप्रैल 2026 को एक लाख रुपए नकद दिए गए थे. द्रोपती का आरोप है कि बैंक लोन की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उनसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज भी लिए गए. बाद में उन्हें पता चला कि प्लॉट किसी और को बेच दिया गया है. संपर्क करने पर मोबाइल नंबर भी बंद मिला. उन्होंने दो लाख रुपए वापस दिलाने, दस्तावेजों के दुरुपयोग को रोकने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

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