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एयरपोर्ट अथॉरिटी यूनियन की राजनीति में नया समीकरण, सिद्धार्थ यादव अब केंद्रीय स्तर पर होंगे सक्रिय

भोपाल के Raja Bhoj Airport से जुड़े कर्मचारी संगठन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी एम्पलाइज यूनियन में लंबे समय से सक्रिय रहे Siddharth Yadav ने स्थानीय स्तर की सक्रिय राजनीति से हटकर अब केंद्रीय स्तर पर काम करने की घोषणा की है।

करीब 18 वर्षों से यूनियन राजनीति में लगातार सक्रिय रहे सिद्धार्थ यादव ने स्थानीय इकाई में कई महत्वपूर्ण पद संभाले हैं और संगठन के प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते रहे हैं।

छह बार सचिव और एक बार अध्यक्ष रह चुके हैं सिद्धार्थ यादव

यूनियन से जुड़े सदस्यों के अनुसार, Siddharth Yadav अब तक छह बार सचिव, एक बार अध्यक्ष और केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। संगठनात्मक राजनीति में उनकी पहचान लगातार चुनाव जीतने वाले नेता के रूप में रही है।

उन्होंने कहा कि अब उनका फोकस केंद्रीय स्तर पर कर्मचारियों के हितों और यूनियन की नीतिगत राजनीति पर रहेगा। इसी कारण उन्होंने स्थानीय स्तर की राजनीति से “संन्यास” लेने का निर्णय लिया है।

यूनियन में नए चुनाव की तैयारी

इस बीच एयरपोर्ट अथॉरिटी एम्पलाइज यूनियन की बैठक में वर्तमान कार्यकारिणी के दो वर्ष पूर्ण होने के बाद नए चुनाव कराने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में कुछ सदस्यों ने मौजूदा कमेटी को जारी रखने का प्रस्ताव रखा, लेकिन कई सदस्यों ने पुनः चुनाव कराने की मांग की।

सदस्यों का तर्क था कि—

कुछ निर्वाचित सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं

कुछ का स्थानांतरण हो गया है

और कई नए कर्मचारी भोपाल विमानतल पर नियुक्त हुए हैं


ऐसे में नई परिस्थितियों के अनुसार ताजा जनादेश आवश्यक है।

एक माह के भीतर चुनाव कराने का प्रस्ताव पारित

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने अंततः एकमत से एक माह के भीतर यूनियन के नए चुनाव कराने का प्रस्ताव पारित किया। माना जा रहा है कि सिद्धार्थ यादव के स्थानीय राजनीति से हटने के बाद संगठन में नेतृत्व का नया समीकरण उभर सकता है।

एयरपोर्ट यूनियनों की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण

देशभर के हवाई अड्डों पर कर्मचारी यूनियनें वेतन, कार्य परिस्थितियों, स्थानांतरण नीति, सेवा सुरक्षा और निजीकरण जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विशेष रूप से Airports Authority of India से जुड़े कर्मचारियों के बीच यूनियन राजनीति लंबे समय से प्रभावशाली रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में विमानन क्षेत्र में बढ़ते आधुनिकीकरण और निजी भागीदारी के बीच कर्मचारी संगठनों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में केंद्रीय स्तर पर सक्रिय नेतृत्व का प्रभाव केवल स्थानीय इकाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि राष्ट्रीय नीतियों और कर्मचारी हितों पर भी पड़ता है।

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