नरसिंहपुर पुलिस का ‘गोल्डन ऑवर हीरो’ अभियान बना मिसाल, सड़क हादसों में 33% और मृत्यु दर में 23% की कमी

भोपाल। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और जीवन बचाने के उद्देश्य से नरसिंहपुर पुलिस द्वारा शुरू किया गया ‘गोल्डन ऑवर हीरो’ अभियान सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में प्रभावी पहल साबित हो रहा है। पुलिस के अनुसार, इस अभियान के परिणामस्वरूप जनवरी से मई 2026 के बीच जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 33 प्रतिशत की कमी, दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 23 प्रतिशत की गिरावट और गंभीर घायलों की संख्या में 52 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटा घायल व्यक्ति के जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी अवधि को ध्यान में रखते हुए जिले में आम नागरिकों को दुर्घटना पीड़ितों की तत्काल सहायता के लिए प्रशिक्षित किया गया।

‘गोल्डन ऑवर हीरो’ अभियान से त्वरित मदद की व्यवस्था

नरसिंहपुर पुलिस ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे स्थित ढाबा संचालकों, पेट्रोल पंप संचालकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को चिन्हित कर उन्हें सीपीआर (CPR) और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया।

अभियान के तहत सहायता नेटवर्क तैयार करने के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए गए। लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की मदद से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई और फर्स्ट एड बॉक्स भी उपलब्ध कराए गए। इससे दुर्घटना के तुरंत बाद घायल व्यक्ति तक प्राथमिक सहायता पहुंचाने में मदद मिली।

स्कूल-कॉलेजों में चलाया गया जागरूकता अभियान

सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी अभियान बनाने के उद्देश्य से जिले में व्यापक यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों, सड़क संकेतकों और सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति जागरूक किया।

इसके साथ ही वाहन चालकों को हेलमेट के महत्व के प्रति प्रेरित करने के लिए निःशुल्क हेलमेट वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

ब्लैक स्पॉट सुधार से घटे हादसे

नरसिंहपुर यातायात पुलिस ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान और सुधार के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) और लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया।

पुलिस के अनुसार, जिले में चिन्हित 10 ब्लैक स्पॉट्स में से तीन अत्यधिक संवेदनशील स्थानों को सुधारात्मक कार्यों के बाद सुरक्षित घोषित कर सूची से हटाया गया है।

दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क इंजीनियरिंग से जुड़े कई कार्य किए गए, जिनमें:

– नए और स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए गए,
– वैज्ञानिक मानकों के अनुसार स्पीड ब्रेकर और बोलार्ड लगाए गए,
– संवेदनशील मोड़ों और चौराहों पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था मजबूत की गई।

नागरिकों से यातायात नियमों के पालन की अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा यातायात नियमों का पालन करें।

पुलिस ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति दिखाई देने पर तत्काल डायल 112 पर सूचना दें और संभव हो तो घायल को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। ‘गोल्डन ऑवर’ में मिली मदद किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

मध्यप्रदेश पुलिस का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ संवेदनशील पुलिसिंग के माध्यम से नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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