भोपाल, 11 जून। नगर निगम के नवीन मुख्यालय अटल भवन में अधिकांश विभागों और शाखाओं का स्थानांतरण पूरा हो चुका है, लेकिन नगर निगम की सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी निगमायुक्त का स्थायी चेंबर अभी तक तैयार नहीं हो पाया है। लगभग दो माह से निर्माण और आंतरिक साज-सज्जा का कार्य जारी रहने के बावजूद चेंबर उपयोग के लिए तैयार नहीं हो सका है, जिसके चलते निगमायुक्त को अस्थायी कार्यालय से कामकाज संचालित करना पड़ रहा है।
आठवीं मंजिल को बनाया जा रहा प्रशासनिक केंद्र
जानकारी के अनुसार अटल भवन की पूरी आठवीं मंजिल निगमायुक्त कार्यालय के लिए निर्धारित की गई है। यहां केवल निगमायुक्त का चेंबर ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अलग-अलग केबिन, बैठक कक्ष और प्रशासनिक सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।
चेंबर को अधिक विस्तृत और आधुनिक स्वरूप देने के लिए पहले से मौजूद कुछ स्थायी संरचनाओं में बदलाव किए गए हैं। इसके तहत कुछ हिस्सों को तोड़कर नए सिरे से निर्माण और इंटीरियर कार्य कराया जा रहा है। हालांकि कार्य की गति को लेकर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि निर्माण शुरू हुए करीब दो महीने बीत चुके हैं।
फर्नीचर और इंटीरियर कार्य अभी भी जारी
आठवीं मंजिल पर वर्तमान में फर्नीचर फिटिंग, लकड़ी का काम, केबिन निर्माण और अन्य आंतरिक व्यवस्थाओं का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों का कहना है कि अभी काफी काम बाकी है और फिलहाल यह बताना मुश्किल है कि पूरा परिसर कब तक तैयार होगा।
कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों के अनुसार मौजूदा गति को देखते हुए चेंबर और संबंधित कार्यालयों को पूरी तरह तैयार होने में अभी एक माह या उससे अधिक समय लग सकता है।
सातवीं मंजिल से चल रहा निगमायुक्त कार्यालय
नवीन मुख्यालय में स्थानांतरण के बाद निगमायुक्त का कार्यालय पुराने माता मंदिर स्थित निगम मुख्यालय से हटाकर अटल भवन की सातवीं मंजिल पर स्थापित कर दिया गया है। यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी रूप से की गई है।
स्थायी चेंबर तैयार नहीं होने के कारण निगमायुक्त वर्तमान में इसी अस्थायी कार्यालय से बैठकर प्रशासनिक कार्यों, बैठकों और नागरिक सुविधाओं से जुड़े निर्णयों का संचालन कर रही हैं।
निर्माण अवधि और खर्च पर उठ रहे प्रश्न
नगर निगम के नए मुख्यालय को आधुनिक प्रशासनिक सुविधाओं से लैस करने का उद्देश्य शहर की शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि शीर्ष अधिकारी के कार्यालय का दो माह बाद भी अधूरा रहना परियोजना की समय-सीमा और कार्य निष्पादन की गति पर प्रश्न खड़े कर रहा है।
नगर निगम के कर्मचारियों के बीच भी यह चर्चा है कि जब अधिकांश विभाग नए भवन में नियमित रूप से कार्य शुरू कर चुके हैं, तब निगमायुक्त कार्यालय का निर्माण अभी तक पूरा न होना प्रशासनिक स्तर पर विशेष ध्यान की मांग करता है।
आधुनिक मुख्यालय की अपेक्षाओं पर नजर
अटल भवन को नगर निगम की नई प्रशासनिक पहचान के रूप में विकसित किया गया है। ऐसे में नागरिकों और कर्मचारियों की अपेक्षा है कि भवन के शेष निर्माण और इंटीरियर कार्य जल्द पूरे हों, ताकि निगमायुक्त सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय एक ही स्थान पर पूर्ण रूप से संचालित हो सकें और प्रशासनिक कार्यों में और अधिक दक्षता लाई जा सके।
अटल भवन में दो माह बाद भी तैयार नहीं हुआ निगमायुक्त का चेंबर, अस्थायी कार्यालय से चल रहा कामकाज
