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मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कर्मवीर शर्मा बने भोपाल संभागायुक्त, राजस्व और नगरीय प्रशासन में भी अहम बदलाव

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बुधवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। जारी आदेश में संभागीय आयुक्तों, प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों और कई महत्वपूर्ण संस्थानों के प्रमुखों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। इस प्रशासनिक पुनर्संरचना का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव भोपाल और रीवा संभाग सहित राजस्व, नगरीय विकास, खाद्य, ऊर्जा और जनजातीय कल्याण जैसे प्रमुख विभागों पर दिखाई देगा।इस फेरबदल में सबसे चर्चित नियुक्ति वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की रही है, जिन्हें भोपाल संभाग का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में आयुक्त-सह-संचालक के रूप में कार्यरत थे।भोपाल संभाग को मिला नया नेतृत्वभोपाल संभाग मध्यप्रदेश का प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण संभाग माना जाता है। यहां राजधानी भोपाल सहित कई प्रमुख जिले शामिल हैं। ऐसे में कर्मवीर शर्मा की नियुक्ति को आगामी विकास योजनाओं, राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था समन्वय और शहरी विस्तार की चुनौतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।वहीं, अब तक भोपाल संभाग के आयुक्त रहे को सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।राजस्व विभाग में बड़ा बदलावाजस्व विभाग में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। को प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग तथा राहत एवं पुनर्वास आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।वहीं को राजस्व विभाग से स्थानांतरित कर प्रमुख सचिव, खनिज साधन विभाग बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब प्रदेश में खनिज संसाधनों के प्रबंधन और राजस्व संग्रहण को लेकर सरकार विशेष फोकस कर रही है।नगरीय विकास विभाग में भी परिवर्तनको सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग बनाया गया है। इससे पहले वे रीवा संभाग के आयुक्त थे।उनके स्थान पर को रीवा संभाग का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है।नगरीय विकास विभाग में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि प्रदेश में स्मार्ट सिटी, शहरी अधोसंरचना और आवासीय परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।सहकारिता, स्वास्थ्य और ऊर्जा विभागों में नई जिम्मेदारियांफेरबदल के तहत को आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं बनाया गया है।को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का संचालक और खाद्य एवं औषधि प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।ऊर्जा क्षेत्र में को ऊर्जा विकास निगम का प्रबंध संचालक तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।शिक्षा, जनजातीय और सामाजिक न्याय विभागों पर भी असरतबादला सूची में स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति विकास और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों में भी कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा अनुसूचित जाति विकास से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं, जबकि को जनजातीय विकास योजनाओं और रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद (MAPCET) की जिम्मेदारी मिली है।प्रशासनिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह फेरबदल?विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल नियमित तबादला सूची नहीं है, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाने वाला प्रशासनिक पुनर्गठन भी है। राजस्व, नगरीय विकास, खाद्य आपूर्ति, ऊर्जा और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में नए नेतृत्व की नियुक्ति से सरकार आगामी परियोजनाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना चाहती है।भोपाल संभाग में कर्मवीर शर्मा की नियुक्ति, राजस्व विभाग में डॉ. ई. रमेश कुमार की तैनाती और नगरीय विकास विभाग में बाबू सिंह जामोद की जिम्मेदारी आने वाले महीनों में प्रदेश के प्रशासनिक निर्णयों और विकास कार्यों पर सीधा प्रभाव डाल सकती है।राज्य सरकार द्वारा जारी इस तबादला सूची को वर्ष 2026 के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल में से एक माना जा रहा है, जिसके प्रभाव आने वाले समय में विभिन्न विभागों के कामकाज और नीति क्रियान्वयन में दिखाई देंगे।

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