मेनिट हॉस्टलों की मेस में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिना लाइसेंस चल रही थी कैंटीन

ाद्य सामग्री और पेयजल के नमूने जांच के लिए भेजे, निरीक्षण में स्वच्छता और दस्तावेजों में कई खामियां मिलीं

भोपाल, 17 जुलाई। भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मेनिट) के हॉस्टल क्रमांक-9 और 11 में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने संयुक्त निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान मेस, रसोईघर, खाद्य भंडारण, भोजन निर्माण प्रक्रिया, पेयजल व्यवस्था, आरओ प्लांट, जल भंडारण टंकियों और स्वच्छता व्यवस्था की गहन जांच की गई।

निरीक्षण में पेयजल की गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न करने वाली परिस्थितियां सामने आईं। आरओ सिस्टम में गंदगी और पानी में सूक्ष्म काले कण पाए जाने पर आरओ आउटलेट और छत पर स्थित जल भंडारण टंकी से पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। मौके पर आरओ से प्राप्त पानी का टीडीएस लगभग 118 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया।

खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे

खाद्य सुरक्षा दल ने हॉस्टल क्रमांक-9 से तुअर दाल, काबुली चना, आरओ का पेयजल और जल भंडारण टंकी का पानी, जबकि हॉस्टल क्रमांक-11 से घी, पंपकिन सीड्स और इमली के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इनकी रासायनिक, सूक्ष्मजीवविज्ञान और गुणवत्ता संबंधी जांच की जाएगी, जिसमें टोटल कोलीफॉर्म, ई.कोलाई, टोटल प्लेट काउंट, टर्बिडिटी और टीडीएस जैसे मानकों की जांच शामिल है।

बिना खाद्य लाइसेंस संचालित हो रही थी कैंटीन

निरीक्षण के दौरान हॉस्टल क्रमांक-9 और 11 में वैभव फूड्स द्वारा आवश्यक वैध खाद्य लाइसेंस के बिना खाद्य व्यवसाय संचालित किया जाना पाया गया। इसके अलावा हॉस्टल क्रमांक-11 में केटरिंग एजेंसी द्वारा भी वैध राज्य खाद्य लाइसेंस के बिना खाद्य पदार्थों का प्रसंस्करण और आपूर्ति किए जाने की बात सामने आई।

निरीक्षण में मिली प्रमुख कमियां

कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं मिले।

खाद्य हैंडलर्स के प्रशिक्षण संबंधी रिकॉर्ड नहीं मिले।

कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण और मेडिकल रिकॉर्ड संधारित नहीं थे।

पेस्ट कंट्रोल से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए।

रसोईघर में मकड़ी के जाले और साफ-सफाई में कमी मिली।

खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड अधूरे पाए गए।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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