FAITH कॉन्क्लेव-2026 में मध्य प्रदेश ने पेश किया पर्यटन निवेश मॉडल, 3,801 करोड़ रुपये के निवेश का दावा

पर्यटन नीति-2025 और निवेशक-अनुकूल सुधारों पर एमपी टूरिज्म बोर्ड का प्रेजेंटेशन, 323 परियोजनाओं व 37 हजार से अधिक रोजगार का दावा

नई दिल्ली/भोपाल। नई दिल्ली में आयोजित FAITH कॉन्क्लेव-2026 के दूसरे दिन मध्य प्रदेश ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और राज्य सरकार की पर्यटन नीति-2025 को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (MPTB) के प्रबंध संचालक एवं पर्यटन सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. ने निवेशकों के समक्ष राज्य की पर्यटन नीतियों, बुनियादी ढांचे और निवेश संबंधी प्रोत्साहनों की जानकारी दी।

प्रस्तुति के दौरान डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 323 पर्यटन परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उनके अनुसार अब तक 3,801 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया जा चुका है, 9,345 नए होटल कमरे (कीज़) जुड़े हैं तथा इन परियोजनाओं से 37,380 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

पर्यटन नीति-2025 की प्रमुख विशेषताएं

प्रेजेंटेशन में बताया गया कि निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से कई सुधार किए गए हैं। इसके तहत—

सभी स्वीकृतियों के लिए सिंगल विंडो ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था।

आवश्यक एनओसी की संख्या 30 से घटाकर 10 किए जाने का प्रावधान।

पर्यटन परियोजनाओं के लिए 15 से 30 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी, जिसकी अधिकतम सीमा 90 करोड़ रुपये तक।

बड़े निवेशकों के लिए कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज की सुविधा।

100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं के लिए सरकारी भूमि आवंटन का प्रावधान।

गोल्फ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन।

डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि मध्य प्रदेश पर्यटन निवेश के लिए सुरक्षित और तेजी से विकसित होने वाला राज्य बन रहा है तथा सरकार पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल नीतियों के माध्यम से देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है।

कॉन्क्लेव में होटल उद्योग, टूर ऑपरेटर, नीति-निर्माता और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

नोट: इस समाचार में निवेश, रोजगार और नीति संबंधी सभी आंकड़े एवं दावे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा FAITH कॉन्क्लेव-2026 में प्रस्तुत आधिकारिक जानकारी पर आधारित हैं।

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