3 करोड़ से अधिक आय वाली 110 मंडियों में किसान सुविधाओं का अभाव, मंडीवार आय-व्यय का सार्वजनिक ऑडिट हो : जीतू पटवारी

भोपाल, 21 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश की कृषि मंडियों में किसानों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश की 110 मंडियां ऐसी हैं, जिनकी वार्षिक आय 3 करोड़ रुपये से अधिक है, इसके बावजूद कई मंडियों में किसानों के लिए पेयजल, शौचालय, छाया, सड़क और उपज भंडारण जैसी सुविधाओं का अभाव है।
पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश मंडी बोर्ड मंडियों का वर्गीकरण मंडी शुल्क और अनुज्ञप्ति शुल्क से होने वाली आय के आधार पर करता है। ऐसे में अधिक आय वाली मंडियों में किसानों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत होने का आरोप उन्होंने लगाया।
राघौगढ़, सीधी और सबलगढ़ मंडियों का उदाहरण
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राघौगढ़ मंडी का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल और कैंटीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। सीधी की नई सब्जी मंडी में सड़क, शौचालय और गोदाम से जुड़ी सुविधाएं अधूरी होने का दावा किया। वहीं सबलगढ़ मंडी में छाया, पानी और शौचालय की समस्याओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
पटवारी ने कहा कि मंडी शुल्क वसूलते समय किसान सरकार के लिए राजस्वदाता होता है, लेकिन सुविधाएं देने की बारी आने पर उसकी समस्याओं की अनदेखी की जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों और व्यापारियों से मंडी शुल्क के रूप में प्राप्त राशि का पर्याप्त उपयोग मंडियों के विकास में क्यों नहीं दिखाई देता।
मंडियों का सार्वजनिक ऑडिट कराने की मांग
पटवारी ने मुख्यमंत्री से प्रदेश की सभी मंडियों की आय, व्यय और उपलब्ध सुविधाओं का मंडीवार सार्वजनिक ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने 3 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय वाली 110 मंडियों के लिए समयबद्ध मूलभूत सुविधा सुधार योजना घोषित करने की मांग भी रखी।
उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान सम्मानजनक और आवश्यक सुविधाएं मिलना जरूरी है। पटवारी ने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर प्रदेश की मंडियों में पेयजल, छाया, शौचालय, सड़क, बैठने की व्यवस्था और उपज को सुरक्षित रखने जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की।





