एनजीटी के आदेश पर गठित दल ने किया सीमांकन, रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी निर्माणों की स्थिति
भोपाल, 22 अक्टूबर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के पालन में गुरुवार को केरवा डैम के पूर्ण जलभराव स्तर (एफटीएल) की सीमा में बने निर्माणों की जांच की गई। इसके लिए गठित दल ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन किया और जलाशय क्षेत्र में मौजूद निर्माणों की स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जांच में बड़ी संख्या में निर्माण सामने आए हैं। इनमें मंत्री-विधायकों के साथ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों से जुड़े निर्माण होने की भी चर्चा है। हालांकि, इनकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जलाशय की सीमा में निर्माणों की पड़ताल
जांच दल ने केरवा डैम के निर्धारित जलभराव क्षेत्र में मौजूद निर्माणों की वास्तविक स्थिति की पड़ताल की। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि एफटीएल सीमा के भीतर कितने निर्माण हैं और वे निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। जलाशय क्षेत्र में निर्माणों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में एनजीटी के आदेश पर की जा रही इस जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई
जांच पूरी होने के बाद दल अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपेगा। रिपोर्ट में निर्माणों की संख्या, उनकी स्थिति और नियमों के उल्लंघन से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इसके आधार पर संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकते हैं। फिलहाल, किसी निर्माण को अवैध घोषित करने या उसके खिलाफ कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
