भोपाल, 12 अगस्त 2026। वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया की बुधवार को समीक्षा की गई। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा और मुख्य वन संरक्षक क्षितिज कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भोपाल संभाग के सभी जिलों में चल रहे कार्यों की प्रगति जानी और अधिकारियों को प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर, डीएफओ, अपर कलेक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। संभागायुक्त ने कहा कि वन ग्रामों के राजस्व ग्राम में संपरिवर्तन की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाए और FRA के तहत जारी हक प्रमाण-पत्र धारकों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
83 वन ग्रामों का संपरिवर्तन प्रक्रियाधीन
मुख्य वन संरक्षक क्षितिज कुमार ने बताया कि भोपाल संभाग में कुल 83 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें—
– भोपाल: 14 वन ग्राम
– राजगढ़: 2 वन ग्राम
– विदिशा: 5 वन ग्राम
– रायसेन: 13 वन ग्राम
– सीहोर: 49 वन ग्राम
शामिल हैं।
वन विभाग, राजस्व विभाग और वन समितियों के सदस्यों की संयुक्त टीम वन ग्रामों की बाहरी सीमा निर्धारित करने और नक्शा तैयार करने का काम कर रही है। इसके साथ ही अभिलेखों के डिजिटलीकरण और ग्राउंड सर्वे की प्रक्रिया भी जारी है।
भूमि रकबे का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजने के निर्देश
संभागायुक्त शर्मा ने कहा कि वन ग्रामों में दावों की स्थिति का सत्यापन किया जाए। भूमि के रकबे से संबंधित प्रस्ताव डीएफओ द्वारा कलेक्टर को भेजे जाएं। वन व्यवस्थापन से जुड़े कार्यों की भी नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में FRA के तहत पट्टों की मान्यता और एसओपी के पालन, वन व्यवस्थापन तथा हक प्रमाण-पत्र धारकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी चर्चा हुई।
इन योजनाओं का मिलेगा लाभ
हक प्रमाण-पत्र धारकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, कपिलधारा कूप निर्माण, भूमि सुधार, मेड़ बंधान, भूमि समतलीकरण, सिंचाई के लिए विद्युत एवं डीजल पंप, पाइपलाइन, किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाएं शामिल हैं।
वन्यजीव संरक्षण और अतिक्रमण रोकने पर जोर
संभागायुक्त शर्मा ने अधिकारियों को वन्यजीवों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने और वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने जिलों की प्रगति पर संतोष जताते हुए कलेक्टरों से समाधान ऑनलाइन में लंबित मामलों की विभागवार जानकारी लेकर उनका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
