भोपाल। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भोपाल शहर में अधिभोग (Occupancy) उल्लंघन से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि पर्यावरण और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए नीतिगत निर्णय लेने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। समिति की अनुशंसाओं के आधार पर ही राज्य सरकार आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, मंत्री Vishvas Sarang, Krishna Gaur, विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी सहित नगरीय प्रशासन एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि Supreme Court of India के सिविल अपील क्रमांक 14604/2024 तथा विविध अपील डायरी क्रमांक 1713/2026 में पारित आदेशों के अनुपालन के लिए समिति सभी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगी। इसके बाद शासन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
मुख्यमंत्री की बैठक में यह भी तय किया गया कि समिति की रिपोर्ट और शासन की प्रक्रिया तय होने तक भोपाल नगर निगम द्वारा अधिभोग उल्लंघन के मामलों में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।
समिति में ये होंगे सदस्य
अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग – अध्यक्ष
अपर प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग – सदस्य
सचिव, श्रम विभाग – सदस्य
आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास – सदस्य
महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक – सदस्य
सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल – सदस्य
उप सचिव, पर्यावरण विभाग – सदस्य
आयुक्त, नगर तथा ग्राम निवेश – सदस्य
इसके अलावा भोपाल कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
समिति अधिभोग उल्लंघन, पर्यावरणीय प्रभाव और जनहित से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को देगी। इसके बाद शासन द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार ही भोपाल नगर निगम आगे की कार्रवाई करेगा।
