आयुर्वेद विभाग ने अभिभावकों को बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के प्रति किया जागरूक
भोपाल। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और मानसिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से (एम्स भोपाल) के आयुष विभाग द्वारा स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों ने अपने बच्चों के स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास को लेकर उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक के मार्गदर्शन में आयुष विभाग की आयुर्वेद ओपीडी में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन के लिए आयुर्वेदिक पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
1 से 16 वर्ष तक के बच्चों को कराया गया स्वर्ण प्राशन
इस अवसर पर कुल 119 बच्चों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इनमें 71 बच्चे पहले से पंजीकृत थे, जबकि 48 नए बच्चों का पंजीकरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान 1 वर्ष से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया।
आयुर्वेद चिकित्साधिकारी ने अभिभावकों को स्वर्ण प्राशन के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास, स्वास्थ्य देखभाल और संतुलित जीवनशैली के प्रति अभिभावकों को जागरूक किया।
2022 से लगातार आयोजित हो रहा है कार्यक्रम
एम्स भोपाल के आयुष विभाग में स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2022 में पुष्य नक्षत्र के अवसर पर की गई थी। इसके बाद से प्रत्येक माह पुष्य नक्षत्र के दिन यह कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है।
आयुष विभाग का उद्देश्य आयुर्वेदिक परंपराओं के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और अभिभावकों को बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए जागरूक करना है।
एम्स भोपाल द्वारा आयोजित यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन, आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार और जनसामान्य को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।