एम्स भोपाल में 71 बच्चों को कराया गया निःशुल्क स्वर्ण प्राशन

भोपाल। एम्स भोपाल के आयुष विभाग ने पुष्य नक्षत्र के अवसर पर आयुर्वेद बाह्य रोगी विभाग में बच्चों के लिए निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार का आयोजन किया। कार्यक्रम में 71 बच्चों ने हिस्सा लिया। इनमें 61 बच्चे पहले से इस सेवा का लाभ ले रहे थे, जबकि 10 बच्चों ने पहली बार पंजीकरण कराया।

यह कार्यक्रम एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अभिभावकों को जागरूक करना और आयुर्वेद के माध्यम से बाल स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में 1 से 16 वर्ष की आयु के बच्चों को आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. रंजना पांडे ने स्वर्ण प्राशन कराया। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि आयुर्वेद में स्वर्ण प्राशन को बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, शारीरिक विकास, मानसिक एकाग्रता और बौद्धिक विकास में सहायक माना जाता है।

एम्स भोपाल के आयुष विभाग ने वर्ष 2022 में स्वर्ण प्राशन सेवा शुरू की थी। अक्टूबर 2025 में इस पहल के तीन वर्ष पूरे हुए। विभाग के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से हर महीने पुष्य नक्षत्र के दिन आयुर्वेद ओपीडी में बच्चों को यह सेवा निःशुल्क दी जा रही है।

आयुष विभाग का कहना है कि इस पहल से बड़ी संख्या में बच्चे और उनके अभिभावक लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ भविष्य की दिशा में प्रयास करना है।

ध्यान देने योग्य: स्वर्ण प्राशन के स्वास्थ्य लाभों को यहां आयुर्वेद में मानी जाने वाली मान्यता के रूप में प्रस्तुत किया गया है; इन्हें आधुनिक चिकित्सा में स्थापित प्रभाव के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

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