भोपाल। अमृत मिशन की सीवेज परियोजनाओं में काम की धीमी गति और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आयुक्त संकेत भोंडवे ने भोपाल समेत चार शहरों में काम कर रही पांच निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया है।
नगरीय प्रशासन आयुक्त कार्यालय में गुरुवार को अमृत मिशन की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सीवेज कार्यों में हो रही देरी को लेकर संबंधित ठेकेदारों का पक्ष सुना गया। इसके बाद काम की धीमी गति और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की गई।
भोपाल की दो कंपनियों पर कार्रवाई
भोपाल में अमृत 2.0 की सीवरेज परियोजना के पैकेज-2 के लिए मेसर्स जयवरूदी इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और पैकेज-3 के लिए मेसर्स एलसी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
इसके अलावा देवास की सीवरेज परियोजना में मेसर्स दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड, सतना की अमृत 1.0 परियोजना में मेसर्स इनविराड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और पीथमपुर की अमृत 2.0 परियोजना में मेसर्स आर. एंड बी. इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
नई निविदाओं में नहीं ले सकेंगी हिस्सा
ब्लैकलिस्ट की अवधि के दौरान संबंधित कंपनियां नगरीय प्रशासन विभाग और उसके अधीन आने वाले नगरीय निकायों की नई निविदाओं और बोलियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। विभाग ने संबंधित निकायों को निर्देश दिए हैं कि इन कंपनियों के अधूरे काम नियमानुसार बिना किसी बाधा के पूरे कराए जाएं।
जनहित के काम में देरी पर सख्ती
आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि अमृत मिशन की परियोजनाएं सीधे आम लोगों से जुड़ी हैं। निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करना, अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करना और अनावश्यक देरी गंभीर लापरवाही है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर आगे भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
