भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर कॉलोनी में सरकारी और सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित जमीन को निजी बताकर बेचने के आरोप में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने कॉलोनाइजर कंपनी के निदेशक समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में करीब पांच करोड़ रुपये की सरकारी और आरक्षित संपत्ति के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।
स्कूल के लिए आरक्षित जमीन 3.90 करोड़ में बेचने का आरोप
पटेल नगर कॉलोनी हथाईखेड़ा और खजूरी खुर्द क्षेत्र में करीब 90 एकड़ जमीन पर विकसित की गई थी। स्वीकृत कॉलोनी नक्शे में स्कूल, पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जमीन आरक्षित थी। EOW के अनुसार कॉलोनाइजर कंपनी मेसर्स गंधर्व लैंड एंड फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनुज ग्रोवर ने स्कूल के लिए आरक्षित 1.212 एकड़ जमीन को निजी संपत्ति बताकर 27 नवंबर 2024 को जय प्रताप सिंह यादव और अभिषेक आनंद को 3.90 करोड़ रुपये में बेच दिया।
बुजुर्ग महिला के प्लॉट में भी फर्जीवाड़े का आरोप
जांच में कॉलोनी के एक अन्य प्लॉट का मामला भी सामने आया है। EOW के मुताबिक एक बुजुर्ग महिला ने वर्ष 1978 में प्लॉट ई-12 के लिए पूरी राशि जमा कर दी थी, लेकिन उसे प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं मिली। आरोप है कि बाद में इस जमीन पर फर्जी दावेदार खड़े कर विवाद तैयार किया गया और समझौते के आधार पर प्लॉट को 1.10 करोड़ रुपये में मनीष नायक और प्रेमानंद नायक को बेच दिया गया।
कुआं पाटकर जमीन बेचने का आरोप
जांच के दौरान कॉलोनी में पानी की आपूर्ति के लिए बनाए गए तीन कुओं में से एक को पाटकर उसकी जमीन बेचने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा कॉलोनी में सड़क, सीवर, नाली और पार्क जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित नहीं किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
नगर निगम ने पहले ही जताई थी आपत्ति
EOW के अनुसार नगर निगम ने जमीन की बिक्री पर पहले ही आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद जमीन के सौदे किए गए। मामले में अनुज ग्रोवर, जय प्रताप सिंह यादव, अभिषेक आनंद, मनीष नायक और प्रेमानंद नायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। EOW ने मामले की जांच आगे बढ़ा दी है।
