वन विभाग की पदोन्नति सूची पर बवाल, अनियमितताओं के आरोप; कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और विवादित पदोन्नति सूची निरस्त करने की मांग

भोपाल, 17 जुलाई। मध्य प्रदेश वन विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया है। प्रदेश के कई जिलों में वन कर्मचारियों और अधिकारियों ने कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित कर अपात्र कर्मचारियों और अधिकारियों को लाभ दिया गया है।

मध्य प्रदेश वन कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि खंडवा, इंदौर, छिंदवाड़ा, जबलपुर और रीवा वृत्त में पदोन्नति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनके अनुसार पात्र कर्मचारियों की अनदेखी कर नियमों के विपरीत अपात्र कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई।

वन कर्मचारी मंच का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों को 10 वर्ष पुराने मामूली वन हानि प्रकरणों और लगभग 100 रुपये की वसूली लंबित होने का आधार बनाकर पदोन्नति से वंचित किया गया, जबकि ऐसी छोटी राशि की वसूली समाप्त करने संबंधी शासन के आदेश पहले से मौजूद हैं। मंच का आरोप है कि अधिकारियों ने मनमाने ढंग से अपने चहेते कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ पहुंचाया।

वन कर्मचारी मंच ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा कथित रूप से अनियमितताओं के आधार पर जारी पदोन्नति सूची को तत्काल निरस्त कर नई सूची जारी करने की मांग की है।

मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पदोन्नति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया, तो भोपाल स्थित वन मुख्यालय के सामने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।

नोट: ये आरोप मध्य प्रदेश वन कर्मचारी मंच द्वारा लगाए गए हैं। इस संबंध में वन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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