भोपाल, 4 जुलाई। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में कार्यरत टीटीई साकिब खान की सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते ट्रेन में अपने परिजनों से बिछड़ी एक मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाया गया। इस सराहनीय कार्य की यात्रियों के साथ-साथ रेलवे अधिकारियों ने भी प्रशंसा की है।
लखनऊ–पुणे एक्सप्रेस में सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 11408 लखनऊ–पुणे एक्सप्रेस के इटारसी स्टेशन से रवाना होने के कुछ समय बाद एस-9 कोच की बर्थ संख्या 73 पर यात्रा कर रहे एक यात्री ने टीटीई साकिब खान को सूचना दी कि उनकी छोटी बच्ची ट्रेन में मौजूद नहीं है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीटीई साकिब खान ने बिना समय गंवाए वाणिज्य नियंत्रण (कमर्शियल कंट्रोल) को घटना की जानकारी दी और तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू कराई।
इटारसी स्टेशन पर सुरक्षित मिली बच्ची
कुछ ही देर बाद कमर्शियल कंट्रोल से सूचना मिली कि इटारसी रेलवे स्टेशन पर जीआरपी (Government Railway Police) को एक मासूम बच्ची सुरक्षित अवस्था में मिली है।
इसके बाद टीटीई साकिब खान ने तुरंत जीआरपी इटारसी से संपर्क कर यात्री द्वारा बच्ची की पहचान कराई। पहचान की पुष्टि होने पर यह स्पष्ट हुआ कि बरामद बच्ची उसी यात्री की पुत्री है, जिसकी शिकायत ट्रेन में की गई थी।
हरदा स्टेशन पर उतारे गए पिता
बच्ची को जल्द से जल्द उसके परिवार से मिलाने के लिए टीटीई साकिब खान ने आवश्यक मेमो जारी कराया और हरदा स्टेशन पर यात्री को सुरक्षित उतारने की व्यवस्था सुनिश्चित की। वहां से बच्ची के पिता गोरखपुर जाने वाली ट्रेन से इटारसी पहुंचे और अपनी बेटी को सकुशल अपने साथ ले गए।
रेलवे अधिकारियों ने की सराहना
टीटीई साकिब खान की त्वरित कार्रवाई, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता की यात्रियों ने सराहना की। वहीं भोपाल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने भी उनके कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे रेलवे कर्मचारियों की यात्रियों की सुरक्षा, सेवा और मानवीय दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।