जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक: गोविंदपुरा सिविल अस्पताल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस, वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश

भोपाल, 27 जुलाई। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और महिला एवं बाल विकास विभाग की पोषण सेवाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी इला तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी सुनील सोलंकी तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की मैदानी स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए, ताकि समस्याओं के वास्तविक कारणों की पहचान कर उनका प्रभावी समाधान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
गोविंदपुरा सिविल अस्पताल के अधीक्षक पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने सिविल अस्पताल गोविंदपुरा में अपेक्षाकृत कम डिलीवरी केस और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में कम बच्चों के भर्ती होने के कारणों की समीक्षा की।
इस दौरान सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि अस्पताल में शासन द्वारा पर्याप्त स्टाफ और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बावजूद अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
बैठक में अस्पताल अधीक्षक के बैठक से अनुपस्थित रहने और कार्य के प्रति उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए सिविल अस्पताल गोविंदपुरा के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा उनकी वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।





