दो किसान भाइयों ने सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीक से बदली खेती की तस्वीर

10 हजार पौधों से शुरू की नर्सरी, अब हर महीने तैयार कर रहे 15 लाख पौधे
भोपाल, 11 सितंबर. जिले के रतुआ रतनपुर गांव के किसान भाई हेमंत कुशवाह और ओम कुशवाह ने मेहनत और आधुनिक तकनीक से खेती को नए व्यवसाय में बदल दिया है। दोनों भाइयों ने शुरुआत में केवल 10 हजार पौधों से नर्सरी शुरू की थी. आज उनकी नर्सरी में हर महीने करीब 15 लाख फूल और सब्जियों के पौधे तैयार हो रहे हैं. इससे उन्हें अच्छी आय के साथ 15 से 20 ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है. दोनों भाइयों ने वर्ष 2017-18 में कृषि और उद्यानिकी विभाग के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. यहां उन्होंने आधुनिक खेती, नर्सरी प्रबंधन और पौध उत्पादन की तकनीक सीखी. वर्ष 2024 में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की एमआईडीएच योजना के तहत करीब 45 लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने नर्सरी का विस्तार किया. वर्तमान में नर्सरी करीब दो एकड़ में संचालित है और इसमें 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में दो पॉलीहाउस हैं.
-दूसरे राज्यों तक पहुंच रहे पौधे
नर्सरी में गुलाब, जरबेरा, गेंदा और नौरंगा सहित कई फूलों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं. इसके अलावा बैंगन, टमाटर, मिर्च, गिलकी, लौकी और खीरा जैसी सब्जियों के हाईब्रिड पौधे भी तैयार किए जाते हैं. इनकी आपूर्ति मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान तक की जा रही है. हेमंत कुशवाह बताते हैं कि वर्ष 2018 में उन्होंने सिर्फ 2 हजार वर्गफीट में पॉलीहाउस नर्सरी शुरू की थी। पानी की समस्या के बावजूद उन्होंने खुद कुआं खोदकर सिंचाई की व्यवस्था की। आज उनकी आठ एकड़ जमीन सिंचित है।
-किसान सीधे पौधे खरीद सकते हैं
दोनों भाई लगातार प्रशिक्षण लेकर नई तकनीक अपना रहे हैं. ‘ओम नर्सरी’ से किसान सीधे पौधे खरीद सकते हैं. सोशल मीडिया और मोबाइल के जरिए भी देशभर के किसान उनसे संपर्क कर रहे हैं. उनका कहना है कि मेहनत के साथ सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण का लाभ लेकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है.





