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दिन मेंं बंद-रात में खुले, साक्षी ढाबा और चायलीला पर लीला शुरू

दो दर्जन रेस्टॉरेंट पर रात 2 बजे तक हो रही हैं पार्टियां
ना पुलिस खौफ ना नगर निगम का भय
नगर निगम की सीलींग कार्रवाई बनी मजाक

ोपाल, 11 सितंबर. नगर निगम के द्वारा आवासीय कॉलोनी में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और बिना परमिशन के बने भवन और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर एक महिने से सीलींग की कार्रवाई की गई. लेकिन नगर निगम इस कार्रवाई की असर कलियासोत क्षेत्र में संचालित रेस्टॉरेंट और ढाबों पर दिखाई नहीं दे रहा है. यह सभी प्रतिष्ठान निगम का मजाक बनाते हुए दिन में बंद रखते हैं. लेकिन जैसे ही शाम होती है, सभी रेस्टॉरेंट और ढाबा खुलने शुरू हो जाते हैं. जैसे जैसे रात होती है वैसे वैसे युवााओं और युवतियों की यहां पर चहल कदमी शुरू हो जाती है. रात में यहां पर सभी प्रतिष्ठानों का माहौल ही बदल जाता है. अधिकतर रेस्टॉरेंट शराब परोसते हुए देखे जा सकते हैं या फिर युवा वहां पर स्वयं शराब लेकर पहुंचते हैं. और आराम से दोस्तों के साथ पार्टी करते दिखाई देते हैं. यहां खाना खिलाना-पिलाना शाम को 7 बजे से शुरू होता है जो रात 2 बजे तक जारी रहता है. नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई की सच्चाई देखने के लिए नवभारत का प्रतिनिधि केरवा रोड पर गुरुवार रात को पहुंचा. इस दौरान चाय लीला, कंट्रीसाइड मीडोज, अबव एंड बियॉन्ड, वारी और नेचर कॉटेज, साक्षी जैसे रेस्टॉरेंट और ढाबों के आसपास रात में गतिविधियां नजर आई.
नगर निगम का कहना है कि रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और बार के खिलाफ कार्रवाई की गई है और संबंधित प्रतिष्ठानों को सील कर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करा दी गई हैं. इसके बावजूद यदि सील किए गए परिसरों के आसपास गतिविधियां जारी हैं तो यह जांच का विषय है.
– कचरा वाहन भी बंद प्रतिष्ठान से लेता दिखा कचरा
मामले में गुरूवार दिन में लगभग 3 बजे चायलीला प्रतिष्ठान पर कचरा लेते हुए दिखा. यह क्षेत्र निगम के जोन 21ृ में आता है. जब निगम के कचरा वाहन चालक से पूछा गया कि प्रतिष्ठान बंद है तो कचरा कहां से आया, तो उसने इसे करीब आठ दिन पुराना बताया. ऐसे में सवाल है कि यदि प्रतिष्ठान इतने दिनों से बंद था तो वहां कचरा कैसे जमा होता रहा और निगम की गाड़ी अब उसे उठाने क्यों पहुंची?
-छोटे पर कार्रवाई, बड़ों की निगरानी पर सवाल
नगर निगम द्वारा अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान छोटे कारोबारियों को नोटिस देने और प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई भी हुई है. दूसरी ओर, बड़े होटल, रेस्टोरेंट और बार के आसपास रात में गतिविधियां दिखाई देने से कार्रवाई की समानता को लेकर सवाल उठ रहे हैं. सीलिंग की प्रभावशीलता केवल प्रतिष्ठान को बंद करने तक सीमित नहीं है. कार्रवाई के बाद भी वहां व्यावसायिक गतिविधियां न हों, इसकी निगरानी जरूरी है. सीलिंग की प्रभावशीलता केवल प्रतिष्ठान को बंद करने तक सीमित नहीं है. कार्रवाई के बाद भी वहां व्यावसायिक गतिविधियां न हों, इसकी निगरानी जरूरी है.
इनका कहना है
पूरे मामले का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा. यदि कोई रेस्टोरेंट, होटल या बार सीलिंग के बावजूद संचालित मिलता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
भुवन गुप्ता, उपायुक्त, कॉलोनी सेल

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