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8वें वेतन आयोग में ट्रेन मैनेजर कैडर की मांगों को मिली मजबूती, NFIR ने स्वीकार की बढ़ी जिम्मेदारियां

भोपाल। भारतीय रेलवे के ट्रेन मैनेजर (पूर्व में गार्ड) कैडर के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ (WCRMS) के जोनल मीडिया कोऑर्डिनेटर एवं मुख्यालय कार्यकारिणी सदस्य रोमेश चौबे ने बताया कि नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) द्वारा 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए सप्लीमेंट्री मेमोरेंडम में पहली बार ट्रेन मैनेजर कैडर की बढ़ती जिम्मेदारियों, सुरक्षा दायित्वों, यात्री प्रबंधन, समयपालन (पंक्चुअलिटी), सार्वजनिक संपर्क तथा कोचिंग ऑपरेशन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को विस्तार से स्वीकार किया गया है।

मेमोरेंडम में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वर्तमान वेतन एवं पदोन्नति संरचना ट्रेन मैनेजरों की वास्तविक कार्य जिम्मेदारियों को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। इसी कारण प्रारंभिक ग्रेड PS-5 के स्थान पर Level-7 तथा कैरियर प्रोग्रेशन के लिए PS-7 (Level-11) तक वेतनमान और पदोन्नति अवसरों की मांग को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया है। (पूर्व में जारी जानकारी में PS-7 वेतनमान संबंधी त्रुटि को भी सुधारने की प्रक्रिया जारी है।)

रेलवे कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यह केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि ट्रेन मैनेजर समुदाय के लंबे संघर्ष, एकजुटता और निरंतर प्रयासों की उपलब्धि है। WCRMS के महामंत्री अशोक शर्मा द्वारा लगातार इस मुद्दे को NFIR के महासचिव एम. राघवैया के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया, जिसके परिणामस्वरूप ट्रेन मैनेजर कैडर की मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली है।

रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग के समक्ष अब ट्रेन मैनेजरों की मांगें केवल अपेक्षाएं नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों और तथ्यों पर आधारित न्यायसंगत अधिकार के रूप में प्रस्तुत की जा रही हैं। इससे देशभर के ट्रेन मैनेजरों में भविष्य को लेकर नई उम्मीद और उत्साह का माहौल बना है।

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