
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आवास सुविधाओं का विस्तार तथा स्थानीय नागरिकों को अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड 30 जुलाई को उज्जैन में होम स्टे योजना प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करेगा। यह कार्यशाला सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में होगी।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को मध्यप्रदेश होम स्टे योजना की पंजीयन प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन की प्रक्रिया, आर्थिक एवं व्यावसायिक लाभ, पंजीयन के बाद मिलने वाली सुविधाओं तथा संचालकों की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़कर पर्यटन आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।
अतिरिक्त कमाई का अवसर
पर्यटन बोर्ड के अनुसार, उज्जैन के ऐसे नागरिक जिनके घर में अतिरिक्त कमरे उपलब्ध हैं या जो योजना की पात्रता पूरी करते हैं, वे होम स्टे के रूप में पंजीयन कर पर्यटकों को ठहराने की सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं। इससे उन्हें पर्यटन क्षेत्र से जुड़कर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा।
प्रदेश में 600 के करीब पंजीकृत होम स्टे
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली का अनुभव कराने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से होम स्टे योजना संचालित कर रहा है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 600 पंजीकृत होम स्टे इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 101 होम स्टे उज्जैन में पंजीकृत हैं।
चार योजनाओं का मिलेगा लाभ
मध्यप्रदेश होम स्टे स्थापना नियमावली-2019 (संशोधित 2026) के तहत नागरिकों को चार प्रमुख योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है—
मध्यप्रदेश होम स्टे स्थापना
मध्यप्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट स्थापना
मध्यप्रदेश फार्म स्टे स्थापना
मध्यप्रदेश ग्राम स्टे स्थापना
पर्यटन बोर्ड का मानना है कि इन योजनाओं के माध्यम से स्थानीय नागरिक पर्यटन आधारित उद्यम से जुड़कर स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के नए अवसर प्राप्त कर सकेंगे, वहीं सिंहस्थ-2028 के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर आवास सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।





