खाद्य मंत्री ने बीएमसी पहुंचकर मरीजों का जाना हाल, आंखों में गंभीर परेशानी वाले तीन मरीज एम्स भोपाल भेजे
भोपाल। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में दूषित शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों का हाल जानने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। चिकित्सकों से उपचार की स्थिति पर भी चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है। दूषित शराब से जिन लोगों की मृत्यु हुई है या जो प्रभावित हुए हैं, उनके परिवारों को तीन दिन के अंदर मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन पीड़ितों के पास संबल कार्ड नहीं है, उन्हें भी नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
आंखों में गंभीर परेशानी, तीन मरीज एम्स भेजे
बीएमसी में निरीक्षण के दौरान सुनील विश्वकर्मा, सुल्तान सिंह और गोविंद अहिरवार की आंखों में गंभीर परेशानी की जानकारी मिली। मंत्री ने तत्काल तीनों मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स भेजने की व्यवस्था कराई। उन्होंने एम्स के चिकित्सकों से फोन पर चर्चा कर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजपूत ने कहा कि मरीजों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई का दावा
मंत्री ने कहा कि पुलिस और प्रशासन पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
दिग्विजय और पटवारी पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजपूत ने उन पर राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने के लिए ट्वीट के जरिए बयानबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने दिग्विजय सिंह को ‘ट्वीट मास्टर’ बताते हुए उनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी भी की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर भी निशाना साधते हुए राजपूत ने कहा कि उन्हें अभी राजनीति में गंभीरता से काम करने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि ऐसे गंभीर मामले में राजनीति करने के बजाय सभी को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए।
राजपूत ने अपने 25 वर्ष के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने या उनके परिवार ने कभी जुआ, सट्टा और शराब जैसी सामाजिक बुराइयों का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि केवल किसी व्यक्ति के साथ फोटो होना या उसके द्वारा माला पहनाने से किसी तरह के संरक्षण का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
मंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मामले को लेकर जल्द ही अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर घटना, मरीजों के उपचार, पीड़ितों को दी जा रही सहायता और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
