विंडसर हिल्स के डुप्लेक्स से चल रहा था करोड़ों का साइबर नेटवर्क, पांच गिरफ्तार

23 मोबाइल, 37 सिम, 11 एटीएम कार्ड और तीन लैपटॉप जब्त; हर महीने 7-8 करोड़ के लेन-देन का अनुमान

भोपाल, 14 सितंबर। ग्वालियर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा, गेमिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक संगठित साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक नेटवर्क विंडसर हिल्स स्थित किराए के डुप्लेक्स से संचालित किया जा रहा था। मौके से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, तीन लैपटॉप और छह पासबुक सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में नेटवर्क के जरिए हर महीने करीब 7 से 8 करोड़ रुपए और सालाना लगभग 100 करोड़ रुपए के वित्तीय लेन-देन का अनुमान सामने आया है। पुलिस को आरोपियों के दुबई और श्रीलंका से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में होने की जानकारी भी मिली है। हालांकि विदेश से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि के लिए पुलिस तकनीकी और वित्तीय जांच कर रही है।

‘100 पैनल’ वेबसाइट से ऑनलाइन सट्टा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश पर साइबर क्राइम विंग को 12 सितंबर को विंडसर हिल्स के एक डुप्लेक्स में ऑनलाइन सट्टा, गेम्बलिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने कार्रवाई कर पांच लोगों को पकड़ा।

पूछताछ में प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि आरोपी ‘100 पैनल’ नामक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपियों के मोबाइल से बड़ी संख्या में बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। पुलिस संबंधित बैंकों से जानकारी लेकर यह पता लगा रही है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किस तरह किया गया।

वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अब बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन, रकम के स्रोत, लाभार्थियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जब्त मोबाइल, सिम, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण भी किया जा रहा है।

पूछताछ में आरोपियों के व्हाट्सएप के जरिए दुबई और श्रीलंका से जुड़े लोगों के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस डेटा की जांच कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेश से जुड़े संपर्कों की भूमिका का पता लगा रही है।

मकान मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस उस डुप्लेक्स के मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसे आरोपियों ने किराए पर लिया था। यह पता लगाया जा रहा है कि मकान मालिक को वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं।

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी, ऑनलाइन सट्टा, गेमिंग और बैंक खातों के दुरुपयोग से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए वित्तीय और तकनीकी नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम या अन्य डिजिटल संसाधन किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए नहीं देने की अपील की है।

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