भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, जैन डेयरी से 116 किलो पनीर जब्त

भोपाल। खाद्य पदार्थों में मिलावट और अमानक उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने भोपाल में कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में विभाग की टीम ने जैन डेयरी का निरीक्षण किया। यहां पनीर की गुणवत्ता और स्वरूप को लेकर संदेह होने पर 116 किलो पनीर जब्त किया गया। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत 34,800 रुपये बताई गई है।

मौके से पनीर का विधिवत नमूना लेकर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने से पहले जब्त पनीर को एनालॉग पनीर घोषित नहीं किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इसकी वास्तविक संरचना और गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, यदि जांच में पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है या उसमें दूध की जगह वनस्पति वसा अथवा अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का इस्तेमाल सामने आता है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने यह भी कहा कि एनालॉग या वैकल्पिक उत्पाद को पनीर के नाम से बेचकर उपभोक्ताओं को भ्रमित करना खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग प्रावधानों के विपरीत हो सकता है।

प्रदेश में 2,283 सैंपल लिए गए

मिलावट के खिलाफ प्रदेशभर में चल रहे अभियान के तहत 20 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक दूध और दुग्ध उत्पादों के 2,283 नमूने जांच के लिए लिए गए। इनमें 852 दूध, 108 मावा, 301 पनीर, 609 घी और 413 अन्य दुग्ध उत्पाद के नमूने शामिल हैं।

इस दौरान करीब 48,396 किलो दूध एवं दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 2.91 करोड़ रुपये है। कार्रवाई के तहत 8 लाइसेंस/पंजीयन भी निलंबित किए गए हैं।

एनालॉग पनीर और मावा पर प्रतिबंध

मध्यप्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए एनालॉग पनीर, एनालॉग मावा और अन्य गैर-दुग्ध एनालॉग उत्पादों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा और अमानक, मिलावटी तथा गलत नाम या दावे के साथ बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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