भोपाल, 3 सितंबर। राजधानी भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई गुरुवार को पूरी तरह बंद रही। दूसरी ओर, पिछले तीन दिनों में बंद कराए गए कई प्रतिष्ठान एक बार फिर खुलते नजर आए। इससे नगर निगम की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शाहपुरा, रोहित नगर, 10 नंबर मार्केट और अरेरा कॉलोनी समेत कई इलाकों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले दिखाई दिए। शाहपुरा थाने के पास शर्मा विष्णु फास्ट फूड, रोहित नगर में नादोरा कैफे, साइबर कैफे और होटल तिरुपति बालाजी सहित अन्य प्रतिष्ठानों में गतिविधियां शुरू हो गईं।
ई-4 में आधे प्रतिष्ठान बंद, आधे खुले
अरेरा कॉलोनी के ई-4 क्षेत्र स्थित बिट्ठल मार्केट के एक कॉम्प्लेक्स में भी स्थिति अलग नहीं रही। यहां कुछ प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि कई दुकानें खुली दिखाई दीं। शहर के अन्य आवासीय क्षेत्रों में भी कमोबेश यही स्थिति नजर आई।
गुरुवार को निगम की सीलिंग कार्रवाई रही बंद
नगर निगम की ओर से गुरुवार को किसी भी क्षेत्र में सीलिंग कार्रवाई नहीं की गई। विभागीय जानकारी के अनुसार भवन अनुज्ञा शाखा से जुड़े एक मामले में उच्च न्यायालय में पेशी थी। इसके चलते संबंधित अधिकारी और कर्मचारी न्यायालयीन मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने में व्यस्त रहे। इस कारण गुरुवार को सीलिंग कार्रवाई नहीं हो सकी।
तीन दिन में 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
नगर निगम ने 31 अगस्त से आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सीलिंग कार्रवाई शुरू की थी। पहले दिन 109, दूसरे दिन 61 और तीसरे दिन 20 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। इस तरह तीन दिनों में कुल 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई।
‘खुद बंद किए, खुद ही खोल लिए’
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की ओर से यह भी कहा जाता रहा कि कई व्यापारियों ने स्वयं ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर शटर गिरा दिए, इसलिए वहां सील लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन गुरुवार को ऐसे ही कई प्रतिष्ठान दोबारा खुले नजर आए।
यही स्थिति नगर निगम की कार्रवाई पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि प्रतिष्ठानों को वास्तव में सील किया गया होता तो बिना निगम की अनुमति के उन्हें खोलना संभव नहीं होता। अब कई जगह दुकानें खुद बंद होने और खुद ही खुलने से कार्रवाई का जमीनी असर दिखाई नहीं दे रहा है।
नगर निगम के सामने अब चुनौती यह है कि जिन प्रतिष्ठानों को कार्रवाई के दौरान बंद कराया गया था, उनकी दोबारा शुरू हुई व्यावसायिक गतिविधियों
