भोपाल। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कुल 167 आवेदकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में एडीएम सुमित कुमार पांडे ने एक-एक आवेदक की शिकायत सुनकर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में भूमि विवाद, नामांतरण, पेंशन, पारिवारिक विवाद, खनन लीज, बैंकिंग अनियमितता और राजस्व संबंधी मामलों की शिकायतें प्रमुख रहीं।
सबसे प्रमुख मामला ग्राम पारदी का रहा, जहां ग्रामीणों ने शासकीय भूमि पर मिट्टी एवं कैशर पत्थर की खनन लीज का विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस भूमि पर वे पिछले 45 वर्षों से खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, उसी पर उनकी जानकारी के बिना खनन लीज स्वीकृत कर दी गई। उनका कहना है कि इस संबंध में 31 दिसंबर 2024 और 6 जनवरी 2026 को भी कलेक्टर एवं खनिज विभाग से शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने लीज निरस्त कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
जनसुनवाई में पारस सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी ने पूर्व सचिव पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सोसायटी की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। वहीं खजूरी क्षेत्र के एक मकान मालिक ने 13 माह से सीज गोदाम में रखे यूरिया एवं अन्य रसायनों से भवन को खतरा बताते हुए गोदाम खाली कराने की मांग की। गंगा घाट सेवा समिति ने धार्मिक आयोजन के दौरान नगर निगम के एक कर्मचारी पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। इन सभी मामलों में एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पटवारी पर रिश्वत और गलत सीमांकन का आरोप
हूजूर तहसील के ग्राम पुराछिंदवाड़ा की सरजू बाई और ओमवती बाई ने हल्का पटवारी निधि नेमा पर बंटांकन के नाम पर ₹5,000 रिश्वत लेने, गलत सीमांकन करने और जमीन हड़पने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि कई बार आवेदन देने के बावजूद उनकी कृषि भूमि का बंटांकन नहीं किया गया। मामले में संबंधित तहसील अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैंक खाते में हेराफेरी की शिकायत
ग्राम शेखपुरा निवासी किसान भगवान सिंह ने बैंक ऑफ इंडिया की तारा सेवनिया शाखा के अधिकारियों पर बैंक खाते में हेराफेरी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि जमीन बिक्री की राशि कम दर्ज की गई तथा ट्रैक्टर बीमा के नाम पर करीब ₹17 हजार काट लिए गए। किसान ने खातों का ऑडिट कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
