नई दिल्ली में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में देशभर के शहरों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की।
समीक्षा बैठक में मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे सहित विभिन्न राज्यों के अधिकारी शामिल हुए। वहीं भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लेते हुए भोपाल नगर निगम के कचरा प्रबंधन और स्वच्छता मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
भोपाल मॉडल में “वेस्ट टू रिसोर्स” पर जोर
निगम आयुक्त ने बताया कि भोपाल नगर निगम द्वारा सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट और रेवेन्यू जनरेशन मॉडल पर विशेष काम किया जा रहा है। शहर में गीले और सूखे कचरे के पृथक्कीकरण, पृथक परिवहन और रिसाइक्लिंग की व्यवस्थित व्यवस्था विकसित की गई है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम के 15 गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों पर अलग-अलग प्रकार के कचरे का पृथक्कीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही ठोस अपशिष्ट से टेराफाइड चारकोल निर्माण, नारियल अपशिष्ट से उपयोगी उत्पाद, गन्ने के छिलकों से बायो-सीएनजी, थर्माकोल प्रोसेसिंग और सी एंड डी वेस्ट से टाइल्स निर्माण जैसे नवाचार किए जा रहे हैं।
कचरा कैफे और ड्राय वेस्ट रिकवरी की भी जानकारी
बैठक में एमआरएफ (Material Recovery Facility) के माध्यम से ड्राय रिसाइकिलेबल वेस्ट की रिकवरी और “कचरा कैफे” जैसी पहलों की भी जानकारी दी गई। निगम आयुक्त ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य कचरे को बोझ नहीं बल्कि संसाधन के रूप में विकसित करना है।
समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भोपाल के कचरा प्रबंधन मॉडल और नवाचारों की सराहना की।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियां भी जारी
भोपाल नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नागरिक सहभागिता, कचरा पृथक्कीकरण, वैज्ञानिक निस्तारण और संसाधन पुनर्चक्रण पर विशेष फोकस किया है। नगर निगम का दावा है कि आने वाले समय में भोपाल मॉडल अन्य शहरों के लिए भी उपयोगी उदाहरण बन सकता है।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की राष्ट्रीय समीक्षा में भोपाल मॉडल की सराहना, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ली जानकारी
