एनडीडीबी अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने दिखाई हरी झंडी, सांची स्मार्ट पार्लर का भी उद्घाटन
भोपाल, 19 अगस्त 2026। सांची ब्रांड की गुणवत्ता और सुरक्षित दुग्ध परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने 12 नए मिल्क टैंकर, एक चलित दुग्ध परीक्षण प्रयोगशाला और दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति के लिए दो इलेक्ट्रिक वाहन शुरू किए हैं। एनडीडीबी अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने बुधवार को इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान एमपीसीडीएफ के निवर्तमान प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी और भोपाल दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रितेश जोशी सहित अधिकारी मौजूद रहे।
भोपाल डेयरी परिसर के फैक्ट्री गेट पर नवनिर्मित सांची स्मार्ट पार्लर का भी उद्घाटन किया गया। यहां उपभोक्ताओं को सांची के दूध और विभिन्न दुग्ध उत्पाद उपलब्ध होंगे।
दूध संकलन में 38 फीसदी बढ़ोतरी
भोपाल दुग्ध संघ के सीईओ प्रितेश जोशी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में संघ के दूध संकलन में करीब 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़े हुए संकलन को सुरक्षित और कम समय में डेयरी प्लांट तक पहुंचाने में नए टैंकर मददगार होंगे।
संघ द्वारा शुरू किए गए सभी 12 मिल्क टैंकरों की क्षमता 5,000 लीटर है। इनसे दुग्ध सहकारी समितियों से संकलित दूध को सुरक्षित तरीके से संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा।
मौके पर होगी दूध की गुणवत्ता जांच
चलित दुग्ध परीक्षण प्रयोगशाला के जरिए उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रमों के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। प्रयोगशाला में दूध, दही, पनीर, घी और मावा में स्टार्च, यूरिया, माल्टोज, सुक्रोज और न्यूट्रलाइजर जैसे मिलावटी पदार्थों की जांच की सुविधा है।
संघ के अनुसार, ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ अभियान के जरिए उपभोक्ताओं को मिलावट के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों से होगी उत्पादों की डिलीवरी
दूध और दुग्ध उत्पादों के वितरण के लिए दो इलेक्ट्रिक वाहन भी शुरू किए गए हैं। इनका उपयोग मॉडर्न ट्रेड सेंटर और क्विक कॉमर्स सेंटर तक उत्पाद पहुंचाने में किया जाएगा। इससे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के साथ परिवहन लागत कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
एनपीडीडी योजना से मिली मदद
12 मिल्क टैंकर, चलित प्रयोगशाला और सांची स्मार्ट पार्लर से जुड़ी परियोजनाएं भारत सरकार की नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट (NPDD) योजना के तहत की गई हैं। 12 टैंकरों की कुल लागत 3.40 करोड़ रुपये, चलित प्रयोगशाला की लागत 20 लाख रुपये और स्मार्ट पार्लर के लिए 4.25 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। टैंकरों और प्रयोगशाला की लागत में केंद्र सरकार का 50 प्रतिशत अंशदान है।
स्मार्ट पार्लर में पशुपालकों और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण से लेकर दूध संकलन, सुरक्षित परिवहन और उपभोक्ताओं तक उत्पाद पहुंचने तक की पूरी सहकारी व्यवस्था को भी प्रदर्शित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नई सुविधाओं से दूध संकलन, गुणवत्ता जांच, परिवहन और वितरण व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
