इंस्टाग्राम रील से मिली कथित जानकारी के बाद बनाई साजिश, पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी
भोपाल। सोशल मीडिया पर वायरल रील देखकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये कमाने का सपना देखने वाले एक 20 वर्षीय युवक पर नाबालिग की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी BBA का छात्र है और उसने खुद को मेडिकल स्टूडेंट बताकर इस पूरी साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई।
मेडिकल स्टूडेंट बनने के लिए खरीदा सामान
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने ऑनलाइन स्टेथेस्कोप, एप्रन और थर्मामीटर मंगाया था। इसके बाद उसने खुद को मेडिकल क्षेत्र से जुड़ा हुआ बताना शुरू किया। आरोप है कि सोशल मीडिया पर उसने एक रील देखी, जिसमें मानव शरीर के अंगों की कीमत को लेकर भ्रामक दावा किया गया था। इसी के बाद उसने करोड़ों रुपये कमाने की योजना बनाई।
चार युवकों को गैंग में शामिल करने का आरोप
आरोपी ने कथित तौर पर चार युवकों को अपने साथ जोड़ा। इसके बाद गरीब परिवारों से जुड़े और फेरी लगाकर सामान बेचने वाले युवकों को निशाना बनाने की बात कही गई। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान इकबाल मैदान और मोती मस्जिद क्षेत्र में पेन और चाबी-रिंग बेचने वाले 16 वर्षीय रेहान को निशाना बनाया गया।
सुनसान जगह ले जाकर हत्या का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी युवकों ने रेहान को सुनसान इलाके में ले जाने की कोशिश की। दो बार असफल होने के बाद तीसरी बार उसे सुनसान स्थान पर ले जाया गया। आरोप है कि मुख्य आरोपी ने वीडियो कॉल के जरिए साथियों को निर्देश दिए और इसके बाद चाकू से हमला कर नाबालिग की हत्या कर दी गई।
शरीर के अंगों को लेकर बनाई गई थी कथित साजिश
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी ने अपने साथियों से शव को ठिकाने लगाने और शरीर के अंग निकालकर लाने को कहा। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर अंगों को बर्फ में रखकर सुरक्षित रखने की कोशिश की और उनका खरीदार तलाशने का प्रयास किया।
खरीदार नहीं मिला तो योजना हुई नाकाम
पुलिस के अनुसार, आरोपी को कई दिनों तक कोई खरीदार नहीं मिला। इसके बाद अंगों को सुरक्षित रखने का तरीका भी उसके पास नहीं था। आरोप है कि बाद में उसने साथियों को बुलाकर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर फेंकने के लिए कहा।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा
मामले की जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और सोशल मीडिया से मिली कथित जानकारी की भी जांच कर रही है।
नोट: मानव अंगों की कीमत को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे भ्रामक हो सकते हैं। ऐसे दावों को तथ्य मानकर कोई कदम उठाना गंभीर अपराध और जानलेवा हो सकता है।
