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भोपाल कलेक्टर का राजस्व अधिकारियों को अल्टीमेटम, एक माह में निपटाएं लंबित प्रकरण

भोपाल में राजस्व प्रशासन को तेज और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण, अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई और शत-प्रतिशत राजस्व वसूली को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। Priyank Mishra ने गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े लंबित प्रकरणों का निराकरण तय समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अपर कलेक्टर Sumit Kumar Pandey, Prakash Nayak, Ankur Meshram, P.C. Shakya सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

एक माह में लंबित प्रकरण निपटाने के निर्देश

बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आरसीएमएस और लोक सेवा प्रबंधन पोर्टल पर दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विशेष रूप से सीमांकन और भूमि विवाद से जुड़े लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि एक माह के भीतर अधिकतम प्रकरणों का निराकरण किया जाए।

उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि आम नागरिकों को लंबे समय तक प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े।

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती के संकेत

भोपाल में तेजी से बढ़ती अवैध कॉलोनियों को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। Priyank Mishra ने निर्देश दिए कि वैध और अवैध कॉलोनियों से संबंधित शिकायतों की बारीकी से जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाए।

उन्होंने कॉलोनी सेल को नगर निगम और संबंधित एसडीएम कार्यालयों के साथ समन्वय बनाकर क्षेत्रवार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों और भू-उपयोग नियमों के उल्लंघन पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो सकती है।

नक्शा सुधार और अभिलेख अपडेट करने पर जोर

राजस्व विवादों की बड़ी वजह पुराने रिकॉर्ड और नक्शों में त्रुटियां मानी जाती हैं। इसी को देखते हुए बैठक में खसरा-खतौनी सुधार, नक्शा शुद्धिकरण और भूमि अभिलेखों के अद्यतन कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड और सही सीमांकन से भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। मध्यप्रदेश में बीते कुछ वर्षों में राजस्व रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया तेज हुई है, लेकिन कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अभी भी त्रुटियों की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

भू-राजस्व और खनिज राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य

बैठक में राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने भू-राजस्व, खनिज राजस्व और अन्य शासकीय देयताओं की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बकाया मामलों में नियमित मॉनिटरिंग की जाए और राजस्व संग्रह की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।

मानसून से पहले आपदा प्रबंधन तैयारियों पर फोकस

आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन तैयारियों पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने अतिक्रमण, फायर सेफ्टी, पटाखा दुकानों और गोदामों के निरीक्षण के निर्देश दिए। साथ ही अनुभाग स्तर पर आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की बैठक आयोजित कर आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया।

प्रशासन का मानना है कि समय रहते तैयारी करने से बारिश के दौरान जलभराव, आगजनी और अन्य आपात स्थितियों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

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