भोपाल, 3 सितंबर। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब, कलियासोत और केरवा डैम के फुल टैंक लेवल (FTL) तक पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। बड़े तालाब का जलस्तर FTL से महज करीब तीन इंच नीचे बताया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि एक अच्छी बारिश के बाद तालाब का FTL पूरा हो सकता है। इसके बाद कैचमेंट एरिया की वास्तविक स्थिति और सीमा को नए सिरे से निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तालाबों के FTL तक पहुंचने के बाद प्रशासन और नगर निगम कैचमेंट एरिया में मौजूद निर्माणों का नए सिरे से चिन्हांकन और सीमांकन करेंगे। इसके आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के पालन से जुड़ी है।
FTL के बाद तय होगी कैचमेंट की वास्तविक सीमा
प्रशासन के अनुसार बारिश के दौरान तालाब के वास्तविक FTL की स्थिति सामने आने के बाद कैचमेंट एरिया का सर्वे कराया जाएगा। इस बार सर्वे में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है। जिला प्रशासन बड़े तालाब के कैचमेंट का ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक से सर्वे कराने की तैयारी में है। इसमें पुरानी मुनारों और पिलरों की जियो-टैगिंग, ग्राउंड ट्रुथिंग, रिमोट सेंसिंग और वीडियोग्राफी की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे कैचमेंट की वास्तविक सीमा निर्धारित करने में मदद मिलेगी।
मुनारों की जगह भी होगी स्पष्ट
सर्वे के दौरान पुरानी मुनारों की स्थिति भी जांची जाएगी। प्रशासन को शिकायतें मिली हैं कि कुछ मुनारों को हटाया गया है या उनकी जगह बदलकर उन्हें तालाब की सीमा से अंदर स्थापित किया गया है। वैज्ञानिक सर्वे और जियो-टैगिंग से ऐसी शिकायतों की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
कैचमेंट में बड़े निर्माण, अतिक्रमण की शिकायत
बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में शासकीय और निजी जमीन पर अतिक्रमण कर भवन, मैरिज गार्डन, कॉलेज, गोदाम सहित अन्य निर्माण किए जाने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि इन गतिविधियों से तालाब के मूल स्वरूप और जैव विविधता पर असर पड़ रहा है। पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष सी. पांडेय और पर्यावरणविद् राशिद नूर भी तालाबों के संरक्षण और कैचमेंट में अतिक्रमण को लेकर चिंता जताते रहे हैं।
पहले सीमांकन में 347 अतिक्रमण चिन्हित
NGT के आदेश के बाद फरवरी में तत्कालीन कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया के सीमांकन के लिए 15 सदस्यीय टीम गठित की थी। बैरागढ़ और टीटी नगर एसडीएम के नेतृत्व में सीमांकन की कार्रवाई की गई थी। इस दौरान 347 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। इनमें से टीटी नगर और बैरागढ़ क्षेत्र में आने वाले कैचमेंट एरिया के 58 अतिक्रमण हटाए गए थे। बाकी 289 अतिक्रमण हटाए जाने थे, लेकिन कुछ मामलों में न्यायालय जाने और पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
सीमांकन पर शिकायतों के बाद रुकी कार्रवाई
बारिश से पहले प्रशासन और नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान खानूगांव सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायतें कीं। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि सीमांकन उनके सामने नहीं हुआ और कुछ स्थानों पर गलत सीमांकन किया गया है। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई रोककर बारिश के दौरान तालाबों के FTL तक पहुंचने का इंतजार करने का निर्णय लिया। अब FTL होने के बाद दोबारा सर्वे, चिन्हांकन और सीमांकन की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
शहरी क्षेत्र में 50 मीटर, ग्रामीण में 250 मीटर का दावा
प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार कैचमेंट सीमा निर्धारित करने के बाद निर्माणों की वैधानिक स्थिति की जांच की जाएगी। कॉपी में दिए गए प्रशासनिक दावे के अनुसार शहरी क्षेत्र में FTL के बाद 50 मीटर और ग्रामीण क्षेत्र में 250 मीटर की सीमा से संबंधित प्रावधान लागू होते हैं। इस सीमा के आधार पर आगे निर्माणों की स्थिति जांची जाएगी।
तीन दिन हल्की बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन दिनों में भोपाल सहित प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को भोपाल में फुहारों के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। प्रशासन को उम्मीद है कि आगामी बारिश से बड़े तालाब का जलस्तर FTL के करीब पहुंच सकता है।
इनका कहना है
भदभदा के गेट नहीं खोलने दिए गए हैं। तालाबों के FTL तक पहुंचने के बाद ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि कैचमेंट की सीमा निर्धारित की जा सके। इसके बाद कैचमेंट क्षेत्र से निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई में रसूखदार या अन्य किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा और NGT के आदेश का पालन किया जाएगा।
— प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर भोपाल
बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में जितने भी अतिक्रमण हैं, उन्हें हटाया जाना है। उनके अनुसार पिछले सीमांकन में 16 मार्च 2022 के बाद हुए अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। अब दोबारा सर्वे कर कैचमेंट क्षेत्र में मौजूद निर्माणों की स्थिति स्पष्ट की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
— सुमित कुमार पांडेय, एडीएम
