भोपाल, 20 अगस्त 2026। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की दिशा में भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) अब बड़े भूखंडों को छोटे आकार में विकसित करेगा। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए प्लॉट खरीदना आसान हो सकेगा। यह निर्णय संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बीडीए की बोर्ड बैठक में लिया गया।
बीडीए कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में प्राधिकरण की विकास योजनाओं से जुड़े 17 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में बीडीए के सीईओ श्याम वीर सिंह, बोर्ड सदस्य, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बड़े भूखंडों को छोटे आकार में बांटने की तैयारी
बैठक में मध्यमवर्गीय परिवारों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े भूखंडों को छोटे आकार में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। नगर विकास योजना क्रमांक 201/2020 के तहत 45 मीटर मास्टर प्लान रोड पर स्थित बड़े भूखंडों को छोटे आकार में परिवर्तित करने का प्रस्ताव प्रमुख रहा। अधिकारियों का मानना है कि छोटे भूखंड उपलब्ध होने से मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए जमीन खरीदने के विकल्प बढ़ेंगे।
इसके अलावा विभिन्न विकास योजनाओं में खाली पड़े भूखंडों और भवनों के मूल्यांकन एवं बिक्री तथा अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
मिसरोद की योजनाओं में बदलाव पर चर्चा
बोर्ड बैठक में सरदार वल्लभ भाई पटेल नगर विकास योजना, मिसरोद चरण-1 और मिसरोद चरण-2 के स्वीकृत अभिन्यास में संशोधन के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। स्वामी विवेकानंद आवासीय परिसर, कटारा हिल्स में स्कूल भूखंड के भू-उपयोग परिवर्तन और खाली आवासीय सिंगल एक्स व डुप्लेक्स भवनों के मूल्यांकन एवं बिक्री की अनुमति पर भी विचार हुआ।
एयरपोर्ट सिटी चरण-1 में खाली आवासीय, व्यावसायिक और पीएसपी भूखंडों सहित 47 डुप्लेक्स भवनों के मूल्यांकन और बिक्री की अनुमति संबंधी प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल रहे। एमजी-रूसिया नगर योजना में खाली एचआईजी डुप्लेक्स के मूल्यांकन और बिक्री पर भी चर्चा हुई।
एयरोसिटी में 305 करोड़ का कंट्रोल सेंटर
बैठक में एयरपोर्ट सिटी चरण-2 में नीलामी के माध्यम से बेचे गए तीन भूखंडों के आवंटन पर चर्चा हुई। इसके अलावा मिसरोद, बर्रई, बागली और जाटखेड़ी क्षेत्र में स्थित भूखंड क्रमांक एम-73 को चार भागों में विभाजित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
एयरोसिटी चरण-1 में ग्रिड कंट्रोल ऑफ इंडिया के डिपॉजिट वर्क के लिए 305 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। यहां पश्चिमी क्षेत्र के बिजली ग्रिड के नियंत्रण के लिए WRLDC कंट्रोल सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
नॉलेज और एआई सिटी योजना पर भी चर्चा
बोर्ड बैठक में 6 जुलाई 2026 को हुई पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई। इसके साथ ही बीडीए की नॉलेज एवं एआई सिटी योजना की प्रशासनिक स्वीकृति से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा हुई। ग्राम सलैया में 132/33 केवी अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र के लिए लाइन की बढ़ी लागत और अतिरिक्त पर्यवेक्षण शुल्क का विषय भी बोर्ड के सामने रखा गया।
बैठक में आवासीय विकास, खाली भूखंडों के बेहतर उपयोग, अधोसंरचना विस्तार और बीडीए की विभिन्न योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
