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AIIMS Bhopal Eye Donation: नेत्रदान जागरूकता के लिए एम्स भोपाल में निकली पदयात्रा, लोगों से संकल्प लेने की अपील

41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम, डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

भोपाल। नेत्रदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से एम्स भोपाल में 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत जागरूकता पदयात्रा आयोजित की गई। यह पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक चल रहा है।

एम्स भोपाल के आई बैंक एवं नेत्र रोग विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी देना और उन्हें इस नेक कार्य के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना है। आयोजन एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेन्द्र कोतवाल (रि.) के नेतृत्व में किया जा रहा है।

पोस्टर-बैनर लेकर निकले डॉक्टर और विद्यार्थी

2 सितंबर 2026 को आयोजित नेत्रदान जागरूकता पदयात्रा का शुभारंभ प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी, डीन (अकादमिक) और संदेश जैन, उपनिदेशक (प्रशासन) की उपस्थिति में हुआ। पदयात्रा चिकित्सा महाविद्यालय भवन से शुरू होकर एम्स भोपाल के गेट नंबर-3 तक पहुंची।

पदयात्रा में चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, नर्सिंग अधिकारियों, कर्मचारियों, नर्सिंग विद्यार्थियों और एमबीबीएस विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों के परिजनों और आमजन को नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी दी।

मृत्यु के बाद नेत्रदान से किसी की जिंदगी में आ सकती है रोशनी

पदयात्रा के दौरान लोगों को बताया गया कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाने में मदद कर सकता है। आई बैंक एवं नेत्र रोग विभाग की टीम ने आमजन से नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की।

टीम ने लोगों से कहा कि नेत्रदान का संदेश केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं। जागरूकता बढ़ने से अधिक लोग मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आ सकते हैं।

पखवाड़े में होंगे कई जागरूकता कार्यक्रम

राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के दौरान एम्स भोपाल में विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियां और नेत्रदान संबंधी अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य समाज में नेत्रदान की आवश्यकता और महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

एम्स भोपाल ने आमजन से अपील की है कि वे नेत्रदान का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। संस्था के अनुसार, मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए नई रोशनी और बेहतर जीवन की उम्मीद बन सकता है।

नेत्रदान करें—किसी की दुनिया को रोशन करें।

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