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भोपाल के शासकीय नवीन महाविद्यालय में मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और बलराम जयंती

विद्यार्थियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कृषि एवं भारतीय ज्ञान परंपरा से कराया परिचित

भोपाल। शासकीय कला एवं वाणिज्य (नवीन) महाविद्यालय, भोपाल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं बलराम जयंती महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं तथा भगवान श्रीकृष्ण और भगवान बलराम के जीवन एवं आदर्शों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और आदर्शों पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर अभिव्यक्ति की। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. कलावती कोरी ने विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से कर्म, सत्य, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

बलराम जयंती पर कृषि संस्कृति की जानकारी

कार्यक्रम के अंतर्गत बलराम जयंती भी मनाई गई। इस अवसर पर प्राध्यापक डॉ. राजीव चौबे ने विद्यार्थियों को कृषि और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने भारतीय परंपरा में कृषि के महत्व तथा भगवान बलराम के कृषि और ग्रामीण जीवन से जुड़े स्वरूप के बारे में विद्यार्थियों को बताया।

इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, कृषि संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व की जानकारी मिली।

समिति ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक डॉ. शोभना जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रीमती हर्ष लता सोनी ने सहयोग किया। मंच संचालन डॉ. सुरेखा उमड़े ने किया, जबकि डॉ. महेश्वरी निरंजन ने आभार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीकृष्ण की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

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