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बैरसिया शाखा पहुंचे मप्र राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक, सदस्यता अभियान और हरित सहकार योजना की समीक्षा

भोपाल ।।Madhya Pradesh State Cooperative Bank के प्रशासक Mahendra Singh Yadav ने भोपाल को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड की Berasia शाखा का भ्रमण कर सहकारिता विस्तार, सदस्यता महाअभियान और हरित सहकार अभियान की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और किसानों को सहकारी संस्थाओं से जोड़ने के संबंध में कई निर्देश दिए।

ऊर्जा संरक्षण और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर

निरीक्षण के दौरान Mahendra Singh Yadav ने वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi के “ईंधन बचाओ–ऊर्जा बचाओ” संदेश को दोहराया।

उन्होंने सहकारिता और कृषि क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों से ऊर्जा संरक्षण को व्यवहारिक स्तर पर लागू करने की अपील की। साथ ही स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए “वोकल फॉर लोकल” अभियान को मजबूत करने की बात कही।

हरित सहकार अभियान के तहत पौधरोपण

बैठक में “हरित सहकार अभियान” और “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बैंक मुख्यालय और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के स्तर पर तय पौधरोपण लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी संस्थाओं को पर्यावरणीय अभियानों से जोड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी दोनों बढ़ सकती हैं।

सदस्यता महाअभियान में किसानों को जोड़ने पर फोकस

Mahendra Singh Yadav ने 14 अप्रैल से 30 जून 2026 तक चल रहे सदस्यता महाअभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि “कृषक कल्याण वर्ष 2026” के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए ग्रामीण किसानों तक सहकारिता योजनाओं का लाभ पहुंचाना आवश्यक है।

ई-टोकन व्यवस्था और किसानों से संवाद

निरीक्षण के दौरान ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत ई-टोकन आधारित खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने किसानों से सीधे संवाद कर खाद वितरण और अन्य सेवाओं की स्थिति जानी।

बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि बी-पैक्स संस्थाओं की वार्षिक आमसभाओं में चयनित सदस्य किसानों को सम्मानित किया जाए, ताकि किसानों का सहकारी संस्थाओं के प्रति विश्वास और सहभागिता बढ़ सके।

कई अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर Abhay Pradhan, Gitesh Lilhore, Nimesh Shahi और Sameeullah Qureshi सहित बैंक और सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों के अनुसार, सहकारी बैंकों की ग्रामीण पहुंच को मजबूत करने और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने से किसानों को वित्तीय और कृषि संबंधी सुविधाएं अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

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