बड़े तालाब कैचमेंट से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिर अटकी, 21 निर्माणों के दोबारा सीमांकन की मांग

भोपाल, 11 जून। राजधानी के बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रही कार्रवाई एक बार फिर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझ गई है। नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब निजी भूमि पर बने 21 निर्माणों के मालिकों ने सीमांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दोबारा सर्वे और सीमांकन की मांग कर दी है। इसके चलते प्रस्तावित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल स्थगित कर दी गई है।

नोटिस के बाद उठे सीमांकन पर सवाल

नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने 4 जून को संबंधित निर्माणों पर कार्रवाई के लिए नोटिस चस्पा किए थे। नोटिस मिलने के बाद प्रभावित पक्ष निगम कार्यालय पहुंचे और दावा किया कि पहले किया गया सीमांकन उनके समक्ष नहीं हुआ था तथा उसमें त्रुटियां हैं।

निर्माण मालिकों का कहना है कि उनके पूरे भवनों को फुल टैंक लेवल (FTL) क्षेत्र में दर्शा दिया गया है, जबकि वास्तविक स्थिति अलग है। इसी आधार पर उन्होंने पुनः सीमांकन कराने की मांग रखी है।

हाईकोर्ट की गाइडलाइन के तहत बढ़ रही प्रक्रिया

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कैचमेंट क्षेत्र में निजी भूमि पर कार्रवाई अत्यंत संवेदनशील विषय है। इसलिए प्रत्येक कदम न्यायालयीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप उठाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि सीमांकन संबंधी आपत्तियों का निराकरण किए बिना कार्रवाई की जाती है तो भविष्य में निगम को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी कारण अब सभी आपत्तियों की सुनवाई कर दोबारा सीमांकन कराया जाएगा, जिसके बाद ही अगली कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

46 निर्माणों में से 22 पर हो चुकी कार्रवाई

टीटी नगर तहसील क्षेत्र में निजी भूमि पर कुल 46 निर्माण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से हाल ही में दो चरणों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।

पहले चरण में 16 निर्माण हटाए गए।

दूसरे चरण में 6 निर्माणों पर कार्रवाई हुई।

3 निर्माण मालिक न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर चुके हैं।


अब शेष 21 निर्माण ऐसे हैं, जिनके स्वामियों ने पुनः सीमांकन की मांग की है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया में लगभग 15 दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है और जून के अंत तक मामले में अंतिम कार्रवाई संभव है।

कैचमेंट संरक्षण बनाम कानूनी अधिकार

बड़ा तालाब भोपाल की पहचान और जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत है। इसके कैचमेंट क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करना पर्यावरणीय दृष्टि से आवश्यक माना जाता है। दूसरी ओर निजी भूमि पर बने निर्माणों के मामले में प्रशासन को स्वामित्व, सीमांकन और न्यायिक प्रक्रियाओं का भी पालन करना पड़ता है।

यही कारण है कि कैचमेंट संरक्षण और संपत्ति अधिकारों के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।

रसूखदारों के नाम आने से बढ़ी चर्चा

प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी है कि जिन निर्माणों पर अभी कार्रवाई शेष है, उनमें कई प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। इनमें सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली लोग शामिल होने की बात कही जा रही है।

हालांकि नगर निगम की ओर से आधिकारिक रूप से किसी व्यक्ति विशेष का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन यह मुद्दा शहर में इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि पहले चरण में अपेक्षाकृत छोटे और कमजोर वर्गों से जुड़े अतिक्रमणों पर तेजी से कार्रवाई हुई, जबकि शेष निर्माणों पर प्रक्रिया लंबी होती जा रही है।

जून के अंत तक कार्रवाई की संभावना

प्रशासन का कहना है कि दोबारा सीमांकन और आपत्तियों के निराकरण के बाद शेष निर्माणों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है तो बड़े तालाब कैचमेंट क्षेत्र में चिन्हित अधिकांश मामलों का निपटारा जून के अंत तक हो सकता है।

पर्यावरण संरक्षण और न्यायिक प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाते हुए नगर निगम की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में शहर के सबसे महत्वपूर्ण शहरी और पर्यावरणीय मुद्दों में से एक बनी रहेगी।

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