आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक, एक महीने में 5778 नोटिस

भोपाल, 17 अगस्त । राजधानी की आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की नगर निगम की कार्रवाई एक महीने बाद भी नोटिस जारी करने तक सीमित नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद निगम ने बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों और अतिरिक्त निर्माण को चिन्हित किया, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार तय लक्ष्य से काफी कम है।

नगर निगम ने करीब 60 हजार मामलों में नोटिस जारी करने का लक्ष्य तय किया था। इसके लिए छह विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिदिन करीब 3 हजार नोटिस जारी किए जाने थे। अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई, लेकिन निगम एक दिन में एक हजार नोटिस भी जारी नहीं कर पा रहा है।

एक महीने में 5778 नोटिस जारी

नगर निगम ने जुलाई में कार्रवाई शुरू की थी। शुरुआत में अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर में 429 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए। कुछ प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया, जबकि कुछ संचालकों ने स्वयं गतिविधियां बंद कर दीं।

इसके बाद चिन्हांकन और नोटिस की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। निगम के अनुसार अब तक कुल 6589 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों में करीब 5778 नोटिस जारी होने का भी उल्लेख है। आंकड़ों में अंतर के कारण निगम के अंतिम आधिकारिक आंकड़े से स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

तीन दिन बाद 750 मामलों पर कार्रवाई

नगर निगम के भवन अनुज्ञा शाखा के अनुसार जिन नोटिस की समयसीमा पूरी हो चुकी है, उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। करीब 750 मामलों में अवैध निर्माण, व्यावसायिक गतिविधियां और भवन अनुज्ञा से अधिक किए गए निर्माण शामिल हैं।

सोमवार को जारी नोटिसों में 811 नोटिस शामिल रहे। इनमें 85 अवैध निर्माण, 61 व्यक्तिगत नोटिस और 24 फाइनल ऑर्डर से संबंधित कार्रवाई बताई गई है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई

आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक के मामले में नगर निगम ने पहले नोटिस जारी किए थे। इसके बाद शासन स्तर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप कार्रवाई के परीक्षण के निर्देश दिए गए, जिसके कारण कुछ समय के लिए कार्रवाई रुकी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आवासीय क्षेत्रों में नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

निगम ने बड़े पैमाने पर ऐसे प्रतिष्ठानों और अतिरिक्त निर्माणों को चिन्हित किया है। हालांकि नोटिस जारी करने और वास्तविक कार्रवाई की धीमी गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों के विरोध से भी आई रुकावट

कार्रवाई शुरू होने के बाद कुछ कांग्रेस विधायक और पूर्व विधायक भी इसके विरोध में सामने आए थे। इससे भी कार्रवाई प्रभावित होने की बात सामने आई है। अब निगम का कहना है कि जिन मामलों में नोटिस की समयसीमा पूरी हो गई है, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के उपायुक्त एवं कॉलोनी सेल प्रभारी भुवन गुप्ता ने कहा, “जिनकी समय अवधि पूरी हो गई है, उन पर तीन दिन बाद कार्रवाई की जाएगी। ऐसे करीब 750 मामलों में अवैध निर्माण, व्यावसायिक गतिविधियां और भवन अनुज्ञा की अनुमति से अतिरिक्त निर्माण शामिल हैं।”

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