हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ाने पर जोर, अधिकारियों-कर्मचारियों से शत-प्रतिशत अनुपालन का आह्वान
भोपाल, 29 जून । राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना, निशातपुरा, भोपाल में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 88वीं तिमाही बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य कारखाना प्रबंधक प्रफुल्ल वी. कोहाड़े ने की। इस दौरान जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में राजभाषा संबंधी कार्यों, प्रगति और उपलब्धियों की समीक्षा की गई।
हिंदी का प्रयोग बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी: कोहाड़े
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य कारखाना प्रबंधक प्रफुल्ल वी. कोहाड़े ने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी का प्रयोग-प्रचार केवल राजभाषा विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि कारखाने में राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना राजभाषा नियम, 1976 के अनुसार ‘क’ क्षेत्र में आता है। ऐसे में यहां सरकारी कार्यों में हिंदी के अधिकतम उपयोग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
तिमाही कार्यों की दी गई जानकारी
बैठक की शुरुआत उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर हनुमान प्रसाद मीना द्वारा अध्यक्ष को पौधा भेंट कर स्वागत के साथ हुई। इसके बाद संपर्क राजभाषा अधिकारी एवं सहायक कार्मिक अधिकारी एम.एल. मीना ने स्वागत भाषण दिया और जनवरी से मार्च 2026 तक किए गए राजभाषा कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
बैठक में राजभाषा नीति के अनुपालन, कार्यालयीन पत्राचार में हिंदी के प्रयोग और निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।
अधिकारियों और कर्मचारियों की रही सहभागिता
बैठक में उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर सोहन सिंह परमार, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर हनुमान प्रसाद मीना, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक मनोज कुमार सिंह सहित कारखाने के विभिन्न विभागों के अधिकारी और शॉप एवं अनुभाग प्रभारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अनुवादक राकेश कुमार मालवीय ने किया और अंत में आभार प्रदर्शन किया।
बैठक में राजभाषा हिंदी के संवैधानिक प्रावधानों के पालन और कार्यालयीन कार्यों में इसके व्यापक उपयोग को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता दोहराई गई।