पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को जापान-जर्मनी में मिलेगा रोजगार, एमपी सरकार और NSDC के बीच हुआ एमओयू

भोपाल, 19 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश सरकार और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) के बीच पिछड़ा वर्ग के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। योजना के तहत प्रदेश के 600 युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने इसे प्रदेश के प्रतिभावान पिछड़ा वर्ग के युवाओं को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

जापान-जर्मनी जाएंगे 600 युवा

कोलकाता में आयोजित देश के कौशल विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस में इस परियोजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। योजना के तहत 300 युवाओं को जापान और 300 युवाओं को जर्मनी भेजा जाएगा।

चयनित युवाओं को सॉफ्ट स्किल्स, संबंधित क्षेत्र के विशेष व्यावसायिक कौशल और जापान-जर्मनी की भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को संबंधित देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड से होगा वित्तीय प्रबंधन

इस परियोजना की खास बात यह है कि इसका वित्तीय प्रबंधन सोशल स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड (SIB) के तहत किया जाएगा। इसे प्रदेश की पहली SIB आधारित पहल बताया गया है।

योजना के तहत कुल प्रशिक्षण शुल्क का 35 प्रतिशत सोशल स्टॉक एक्सचेंज, 50 प्रतिशत राज्य सरकार और 15 प्रतिशत संबंधित OBC हितग्राही वहन करेगा। यह पूरी योजना परिणाम आधारित होगी। राज्य सरकार NSDC को अपनी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी तभी देगी, जब संबंधित युवा सफलतापूर्वक विदेश में रोजगार प्राप्त कर लेगा। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में राज्य सरकार पर यह वित्तीय भार देय नहीं होगा।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि यह मॉडल वित्तीय पारदर्शिता और परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति को मजबूत करने के साथ अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

Exit mobile version