भोपाल में नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए 36 विशेषज्ञों को बनाया मास्टर ट्रेनर

भोपाल। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित स्टेट न्यूबॉर्न एंड पीडियाट्रिक रिसोर्स सेंटर में 12 और 13 अगस्त को राज्य स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एमएनसीयू, आईकेएमसी और नर्चरिंग केयर से जुड़ा प्रशिक्षण प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों और जिला अस्पतालों से आए स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करना और एसएनसीयू व एमएनसीयू में भर्ती नवजातों को बेहतर उपचार एवं देखभाल उपलब्ध कराना है।

36 स्वास्थ्यकर्मी बने मास्टर ट्रेनर

प्रशिक्षण में प्रदेश के अलग-अलग चिकित्सा महाविद्यालयों और जिला चिकित्सालयों से करीब 36 शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और नर्सिंग ऑफिसर्स शामिल हुए। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन्हें मास्टर ट्रेनर बनाया गया है।

अब ये मास्टर ट्रेनर अपने-अपने संस्थानों में अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को नवजात शिशुओं के उपचार, देखभाल और आवश्यक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण देंगे। इससे प्रदेश के अस्पतालों में नवजात देखभाल की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों ने सिखाईं उपचार और देखभाल की तकनीक

प्रशिक्षण में एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के शिशु रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. रमेश चौधरी, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. रेखा वाधवानी, शिशु रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित अग्रवाल और एनआईसीयू की नर्सिंग ऑफिसर पूजा जायसवाल ने प्रशिक्षण दिया।

इस दौरान नवजातों के उपचार, आईकेएमसी (इंटरपर्सनल कंगारू मदर केयर) और नर्चरिंग केयर से संबंधित जरूरी तकनीकों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस गंभीर नवजातों की सुरक्षित देखभाल और अस्पतालों में बेहतर उपचार व्यवस्था विकसित करने पर रहा।

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