खंडवा और छतरपुर में 2,230 बोरी खाद जब्त, नकली उर्वरक का कारोबार उजागर

तीन ट्रकों और एक लोडर सहित 67.25 लाख रुपये की सामग्री जब्त, कृषि विभाग के साथ पुलिस ने की कार्रवाई
भोपाल। मध्यप्रदेश में खाद की कालाबाजारी, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पिछले दो दिनों में खंडवा और छतरपुर जिले में दो अलग-अलग मामलों में कुल 2,230 बोरी खाद जब्त की गई। इनमें खंडवा में 1,500 बोरी डीएपी खाद से भरे तीन ट्रक और छतरपुर में 730 बोरी नकली उर्वरक के साथ एक लोडर वाहन शामिल है। पुलिस के अनुसार, जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 67.25 लाख रुपये है। दोनों मामलों में जांच जारी है।
खंडवा में गंतव्य के बजाय दूसरे स्थान पर पहुंच रही थी खाद
पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर को खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र के ग्राम रिछड़ीखेड़ा में पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के पंजीयन नंबर वाले तीन ट्रकों की जांच की। इनमें 500-500 बोरी के हिसाब से कुल 1,500 बोरी डीएपी खाद भरी थी।
ट्रांसपोर्ट परमिट की जांच में सामने आया कि खाद महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से धारणी स्थित दादाजी कृषि सेवा केंद्र के पते पर भेजी जा रही थी। हालांकि, खाद निर्धारित गंतव्य के बजाय खंडवा के ग्राम रिछड़ीखेड़ा में ले जाई जा रही थी। कृषि विभाग के अधिकारी के प्रतिवेदन पर खालवा थाने में मामला दर्ज किया गया। खाद और तीनों ट्रकों सहित करीब 50.25 लाख रुपये की सामग्री जब्त की गई है।
छतरपुर में गोदाम से मिली 650 बोरी खाद
छतरपुर जिले में मातगुवां थाना पुलिस को सागर-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खाद से भरे एक लोडर वाहन में नकली उर्वरक ले जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने कुर्राहा तिराहे के पास वाहन रोककर जांच की। चालक जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिसके बाद कृषि विभाग को सूचना दी गई।
कृषि विकास अधिकारी की जांच में खाद नकली पाई गई। शुरुआती कार्रवाई में 80 बोरी खाद और अशोक लीलैंड कंपनी का लोडर जब्त किया गया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने छतरपुर नगर के नारायणपुरा रोड स्थित अमर मंडप गार्डन में जांच की, जहां से 650 बोरी और खाद बरामद हुई। इस तरह कुल 730 बोरी खाद और लोडर वाहन सहित करीब 17 लाख रुपये की सामग्री जब्त की गई।
पुलिस और कृषि विभाग दोनों मामलों में संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं। कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना और अवैध कारोबार पर रोक लगाना है।





