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सीपीसीटी की अनिवार्यता में छूट से 15 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति की उम्मीद

45 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को पूरी छूट, कम उम्र वालों को पांच साल की राहत मिलने का दावा

भोपाल, 15 अक्टूबर. राज्य सरकार के एक फैसले से प्रदेश के करीब 15 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति का लाभ मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार जताया है।

मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि सीपीसीटी परीक्षा पास करने की अनिवार्यता के कारण चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा था। संगठन ने इस समस्या को सरकार के सामने उठाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को सीपीसीटी की शर्त से राहत देने की घोषणा की थी।

अशोक पांडे के अनुसार, मुख्यमंत्री की घोषणा के पालन में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। इसके तहत 45 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से पूरी छूट दी गई है, जबकि कम उम्र के कर्मचारियों को पांच साल की छूट दी गई है। संगठन का कहना है कि इस निर्णय से लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलेगी। कर्मचारी मंच ने इसे कर्मचारी हित में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला बताया है।

फैसले की प्रमुख बातें

– लाभार्थी: करीब 15 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी।
– पदोन्नति का पद: सहायक ग्रेड-3।
– 45 वर्ष से अधिक उम्र: सीपीसीटी से पूरी छूट।
– कम उम्र के कर्मचारी: पांच साल की छूट।
– आधार: सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश, जिसकी विस्तृत शर्तों की पुष्टि आदेश की प्रति से की जानी चाहिए।
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