*सरकार की घौषणा पर नहीं हुआ अमल
*मूग खरीदी के स्लाट नहीं हो रहे बुक
*बायोमेट्रिक मिलान न होने से नहीं हो रही खरीदी
*तुलाई के बाद वेयरहाउस पर रखी है मूंग
*स्लाट बुक करने पर मैसेज आ रहा है कि पहले से बुक है
भोपाल, 31 जुलाई। मध्य प्रदेश सरकार ने किसान आंदोलन के बाद समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की घोषणा की थी, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण बड़ी संख्या में किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। पोर्टल अपडेट नहीं होने से नए स्लॉट बुक नहीं हो रहे हैं, जबकि कई किसानों की खरीदी बायोमेट्रिक सत्यापन में अटक गई है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश में 3.47 लाख किसानों ने मूंग खरीदी के लिए पंजीयन कराया है। इनमें से अब तक करीब 86 हजार किसानों से 60,668 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी 25 प्रतिशत सीमा के तहत हो चुकी है। सीमा बढ़ने के बाद किसान शेष उपज बेचने के लिए दोबारा स्लॉट बुक कर रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर संदेश आ रहा है कि “आप पहले ही स्लॉट बुक कर चुके हैं”, जिससे नई बुकिंग नहीं हो पा रही है।
बायोमेट्रिक सत्यापन भी बना परेशानी
कई खरीदी केंद्रों पर किसानों की मूंग की तुलाई हो चुकी है, लेकिन अंतिम प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होने के कारण खरीदी पूरी नहीं हो पा रही है। विशेषकर बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट मशीन से मेल नहीं खाने पर पोर्टल पर खरीदी दर्ज नहीं की जा रही। इससे तौली गई मूंग वेयरहाउस में पड़ी है या किसानों को वापस ले जानी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ेगा और मजबूरी में खुले बाजार में कम कीमत पर मूंग बेचनी पड़ सकती है।
वैकल्पिक सत्यापन की मांग
किसानों ने मांग की है कि फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की स्थिति में आधार ओटीपी, फेस ऑथेंटिकेशन, वोटर आईडी, भूमि रिकॉर्ड या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सत्यापन की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि वर्तमान में ऐसा कोई विकल्प उपलब्ध नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग, बीमार और श्रमिक किसानों को हो रही है।
किसान की पीड़ा
सीहोर जिले की बुधनी तहसील के ग्राम नारायणपुर निवासी अनीता जाट का कहना है कि उनकी 24 क्विंटल मूंग की तुलाई हो चुकी है और वह वेयरहाउस में रखी है, लेकिन अंगूठे का सत्यापन नहीं होने के कारण खरीदी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

