रामपुरा में श्मशान की राह बदहाल, 4 साल की शिकायतों के बाद भी नहीं बनी सड़क


इच्छावर/सीहोर। सरकार गांवों को सड़क और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के दावे करती है, लेकिन सीहोर जिले के इच्छावर जनपद की ग्राम पंचायत कल्याणपुरा धाकड़ के ग्राम रामपुरा में श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता आज भी बदहाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार साल से सीएम हेल्पलाइन 181 और जनसुनवाई में शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है। ऐसे में अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार शव को गहरे पानी और कीचड़ के बीच से कंधे पर ले जाना पड़ता है। इस स्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्था और ग्रामीण विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
25 लाख रुपये की राशि को लेकर सवाल
ग्रामीणों ने पंचायत के पास उपलब्ध सरकारी राशि और सड़क निर्माण से जुड़े पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2022 में आरटीआई के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार तत्कालीन ग्राम पंचायत सिराड़ी के खाते में करीब 25 लाख रुपये की राशि थी। पंचायत पुनर्गठन के बाद दोनों पंचायतों के बीच राशि के बंटवारे की बात भी सामने आई।
ग्रामीणों के अनुसार रामपुरा में सड़क निर्माण से संबंधित अलग-अलग स्वीकृतियां भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इनमें मोहन पर्वत के मकान से श्मशान घाट तक सड़क के लिए वर्ष 2017 में 8 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति और वित्तीय वर्ष 2021-22 में मोहन पर्वत के मकान से देवकरण मालवीय के मकान तक सड़क के लिए 15वें वित्त आयोग से 1 लाख रुपये की स्वीकृति का उल्लेख है।
ग्रामीणों का आरोप है कि रिकॉर्ड में सड़क निर्माण से जुड़ी स्वीकृतियां और गतिविधियां दर्ज होने के बावजूद मौके पर श्मशान घाट तक सुगम सड़क नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और स्वीकृत राशि के उपयोग का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। हालांकि, राशि के गबन या भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के रिकॉर्ड पर भी सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित सड़क निर्माण की जानकारी भारत सरकार के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज है। उनका सवाल है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड में निर्माण कार्य स्वीकृत अथवा पूर्ण दर्शाया गया है, तो मौके पर सड़क की स्थिति इतनी खराब क्यों है। ग्रामीणों ने रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति का मिलान कर जांच कराने की मांग की है।
बाबा रामपीर दरबार तक पहुंचने में भी परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक श्मशान घाट की ओर जाने वाला मार्ग बाबा रामपीर/बाबा रामदेव जी के धार्मिक आयोजन स्थल की ओर भी जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का दावा किया जाता है। खराब सड़क के कारण स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी परेशानी होती है।
चार साल से शिकायत, फिर भी समाधान नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2022 से सीएम हेल्पलाइन 181 और जनसुनवाई के माध्यम से लगातार शिकायतें की जा रही हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है और रास्ता जलभराव व कीचड़ के कारण लगभग नाले में तब्दील हो जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत से मांग की है कि श्मशान घाट तक तत्काल आवागमन योग्य सड़क बनाई जाए। साथ ही पूर्व में स्वीकृत कार्यों, सरकारी राशि के उपयोग और ई-ग्राम स्वराज में दर्ज निर्माण की मौके पर जांच कराई जाए।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ग्रामीण चार साल से शिकायत कर रहे हैं और सड़क निर्माण के लिए सरकारी स्वीकृतियां भी सामने हैं, तो रामपुरा के लोगों को आज भी अंतिम यात्रा के लिए कीचड़ और पानी से होकर क्यों गुजरना पड़ रहा है?





