बड़ा तालाब फुल होने पर ड्रोन से होगा सीमांकन, भदभदा गेट खोलने से पहले बनेगा रिकॉर्ड

भोपाल, 26 अगस्त। राजधानी के बड़े तालाब का जलस्तर फुल टैंक लेवल (FTL) के करीब पहुंच गया है। प्रशासन अब तालाब के निर्धारित जलस्तर तक पहुंचने के बाद ड्रोन से कैचमेंट और पानी की सीमा की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराने की तैयारी कर रहा है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा है कि तालाब फुल होने के बाद कैचमेंट सीमा का ड्रोन से रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, इसके बाद ही भदभदा के गेट खोलने की कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा तालाब का FTL 1666.80 फीट है। नगर निगम के जलकार्य शाखा के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग के अनुसार भदभदा डैम के गेट निर्धारित जलस्तर पर खोले जाते हैं।
अवैध निर्माणों के नोटिस पर आपत्तियों के बाद रुकी थी कार्रवाई
बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में बने कथित अवैध निर्माणों को लेकर नगर निगम ने पूर्व में नोटिस जारी किए थे। कई लोगों ने इन नोटिसों के खिलाफ कलेक्टर के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसके बाद कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई रोक दी गई थी।
प्रशासन अब तालाब के फुल होने का इंतजार कर रहा था। जलस्तर FTL के करीब पहुंचने के बाद ड्रोन सर्वे से वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करने की योजना है।
गेट खोलने से पहले स्पष्ट होगी डूब क्षेत्र की स्थिति
हर वर्ष बड़ा तालाब FTL के करीब पहुंचने से पहले भदभदा से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया होती है। प्रशासन का कहना है कि इस बार गेट खोलने से पहले ड्रोन से पानी की सीमा का रिकॉर्ड तैयार करने से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि निर्धारित जलस्तर पर कौन-कौन से निर्माण डूब क्षेत्र में आते हैं।
पूर्व में अधिक बारिश के दौरान तालाब का जलस्तर 1666.80 फीट तक पहुंचने पर कैचमेंट क्षेत्र के कई निर्माणों में पानी भरने की स्थिति बनी थी।
270 भवन और 150 व्यावसायिक परिसरों पर नजर
उपलब्ध जानकारी के अनुसार कैचमेंट क्षेत्र में करीब 25 अवैध कॉलोनियां, 270 भवन और 150 व्यावसायिक परिसर होने का दावा किया जा रहा है। इनमें होटल, अस्पताल, फार्म हाउस, रिसॉर्ट और अन्य व्यावसायिक निर्माण शामिल बताए जाते हैं।
हालांकि इन सभी निर्माणों के अवैध होने और उनके डूब क्षेत्र में आने की अंतिम स्थिति प्रशासनिक सीमांकन और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रभावशाली लोगों के निर्माणों को लेकर भी उठते रहे हैं सवाल
बड़े तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में फार्म हाउस, होटल, अस्पताल और रिसॉर्ट सहित कई बड़े निर्माणों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। इनमें कुछ निर्माण प्रभावशाली लोगों से जुड़े होने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। हालांकि किसी विशेष व्यक्ति या संस्थान के निर्माण को अवैध घोषित करने से पहले संबंधित दस्तावेज और प्रशासनिक जांच जरूरी होगी।
इस बार प्रशासन द्वारा FTL पर ड्रोन से रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे जलस्तर और निर्माणों की वास्तविक स्थिति का मौके पर दस्तावेजी रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा।
कलेक्टर ने कहा
“तालाब के फुल होने के बाद कैचमेंट सीमा की ड्रोन से फोटो और रिकॉर्डिंग की जाएगी। उसके बाद ही भदभदा के गेट खोले जाएंगे।”
— प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर, भोपाल





